भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि पश्चिम एशिया को लेकर भारत की रणनीति में एनर्जी सिक्योरिटी, ट्रेड फ्लो और मध्य पूर्व में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे अहम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत इन तीनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। विदेश मंत्री ने राज्यसभा में इसकी जानकारी दी।

विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया भारत के लिए बेहद अहम क्षेत्र है। क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा यहीं से पूरा होता है। इसके अलावा वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। जिनका सुरक्षित रहना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारतीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि एनर्जी आपूर्ति बाधित न हो, व्यापारिक मार्ग खुले रहें और उस क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। सरकार इस दिशा में लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यक कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है।
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एस जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थक रहा है। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। विदेश मंत्री ने दोहराया कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत जरूरत पड़ने पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
विदेश मंत्री कहा कि मौजूदा हालात का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, सप्लाई चेन और समुद्री रास्ते से होने वाले व्यापार पर पड़ सकता है। इसलिए भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।





