भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद आज गयाजी पहुंचे। उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए एक दिवसीय पिंडदान और तर्पण किया। धार्मिक परंपरा के अनुसार पूर्व मंत्री ने फल्गु नदी के किनारे प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर और पवित्र अक्षयवट में विधिवत अनुष्ठान पूरा किया।

पिंडदान और तर्पण का पूरा क्रम वैदीक विधि-विधान के अनुसार पूरा कराया गया। मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि पूजा और अनुष्ठान के दौरान किसी प्रकार की रुकावट न हो। पिंडदान खुले स्थान पर नहीं कराकर मंदिर के सुरक्षित और निर्धारित हिस्से में कराया गया ताकि आम श्रद्धालुओं की आवाजाही ना हो पाए। फाल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट में संपन्न हुआ पिंडदान काफी प्रभावी माना जाता है।
मंत्रोच्चार और वैदिक विधि-विधान से हुआ पिंडदान
तीर्थ पुरोहितों द्वारा विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में शांति और धार्मिक अनुशासन बनाए रखने का विशेष ध्यान रखा गया। प्रशासनिक सुरक्षा भी पूरी तरह सतर्क रही, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था से बचा जा सके।
गया जी में पिंडदान का धार्मिक महत्व है
पितृ तर्पण की परंपरा हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह श्रद्धालुओं के लिए अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर होता है। गयाजी की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता के कारण इस आयोजन ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
Also Reda- झारखंड के बजट सत्र की शुरुआत 18 फरवरी से होगी और 24 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा





