Garhwa News: अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने सोमवार शाम मझिआंव स्थित राधा कृष्ण हॉस्पिटल एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की संचालिका कविता कुमारी, जो स्वयं को बीएएमएस डिग्रीधारी बताती हैं, ऑपरेशन कर रही थीं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे स्वयं ऑपरेशन एवं एनेस्थीसिया का कार्य करती हैं। जबकि नियमानुसार बीएएमएस डिग्रीधारी को न तो ऑपरेशन करने और न ही एनेस्थीसिया देने की अनुमति होती है।
मौके पर एक व्यक्ति निरीक्षण दल को देखकर पिछले रास्ते से खेतों की ओर भाग गया, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और भी संदिग्ध हो गई। वहीं आधा दर्जन से अधिक मरीज ऑपरेशन के बाद अस्पताल में लेटे हुए पाए गए और दर्जनों मरीज अपनी बारी की प्रतीक्षा में बैठे थे। मरीजों के परिजनों ने बताया कि हाल ही में बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया था।
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अस्पताल में मरीजों का कोई भी रजिस्टर, पूर्व की तिथियों की एंट्री, या दस्तावेज मौजूद नहीं मिले। एसडीएम को जब डॉक्टर कविता कुमारी द्वारा मरीजों को दिए गए पर्चों पर “स्त्री रोग विशेषज्ञ” और “चिकित्सा पदाधिकारी – झारखंड सरकार” लिखा मिला, तो पूछताछ के दौरान वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं।
एसडीएम संजय कुमार ने मौके से ही सिविल सर्जन को फोन कर तत्काल जांच का निर्देश दिया और कहा कि यह कृत्य क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट और इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशन्स का उल्लंघन है, साथ ही यह भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध भी हो सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, और दोषियों के विरुद्ध अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने, अस्पताल को सील करने और आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की जाएगी।
जनता की प्रतिक्रिया:
मौके पर एकत्रित नागरिकों ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के बीचोंबीच इस तरह के पंजीकृत अस्पतालों में भी खुलेआम अवैध गतिविधियां होना चिंताजनक है। एसडीएम ने लोगों को आश्वस्त किया कि ऐसे अस्पतालों और अप्रशिक्षित चिकित्सकों के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।





