Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

कल से शुरू हो रहा है होलाष्टक, इस दौरान क्या करें और क्या ना करें?

On: February 23, 2026 6:07 PM
Follow Us:
कल से शुरू हो रहा है होलास्टक, इस दौरान क्या करें और क्या ना करें?
---Advertisement---

होलाष्टक का अर्थ है ‘होली से आठ दिन पहले का समय। जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होलिका दहन (पूर्णिमा) तक चलता है। मान्यतानुसार इन 8 दिनों (2026 में 24 फरवरी – 3 मार्च) में ग्रहों का प्रभाव उग्र होता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इस दौरान पूजा-पाठ करना उत्तम होता है।

add

क्यों अशुभ है
पौराणिक कथा के अनुसार, राक्षस हिरण्यकश्यप ने इसी अवधि में भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को विष्णु भक्ति से रोकने के लिए आठ दिनों तक भीषण यातनाएं दी थीं, इसलिए यह समय संवेदनशील माना जाता है।

क्या न करें (वर्जित कार्य)
शादी-विवाह, सगाई, नया घर या वाहन खरीदना, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और नए व्यापार की शुरुआत इन 8 दिनों में नहीं करनी चाहिए।

क्या करें
इस दौरान भगवान विष्णु, भगवान शिव और हनुमानजी की पूजा-आराधना करें, दान करें, और मानसिक शांति के लिए जप-तप करना उत्तम माना जाता है।

होलाष्टक की शुरुआत

इन दिनों में होलिका दहन के लिए डंडा गाड़ा जाता है, जिसके बाद से ही शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। होलाष्टक के दौरान आठ ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं। अष्टमी के दिन चन्द्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी पर शनि, एकादशी पर शुक्र, द्वादशी पर गुरु, त्रयोदशी पर बुध, चतुर्दशी पर मंगल और पूर्णिमा तिथि के दिन राहु उग्र स्थिति में रहते हैं। होलाष्टक का असर मुख्य रूप से पंजाब, राजस्थान, गुजरात और उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में माना जाता है।

Also Read- Jharkhand Nikay Chunav 2026 : छिटपुट घटनाओं को छोड़कर वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment