झारखंड की राजधानी रांची में आज आदिवासी समाज का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। यह हुंकार महारैली धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में आयोजित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की योजना के खिलाफ एकजुटता और विरोध व्यक्त करना है।

यह महारैली आदिवासी समाज की एकजुटता का प्रतीक मानी जा रही है, जिसमें झारखंड के प्रमुख 33 जनजातियों के लोग शामिल होंगे। इनमें संताल, हो, मुंडा, भूमिज, खड़िया, बेदिया, लोहरा, कोरबा, बिरहोर, चेरो, भोक्ता, खरवार सहित अन्य जनजाति समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
Also Read: Bihar Election 2025: अमित शाह का चुनावी दौरा आज, तरैया-अमनौर में जनसभाएं, पटना में रणनीतिक बैठकें
झारखंड के संयुक्त आदिवासी संगठनों के आह्वान पर यह आयोजन किया जा रहा है। रैली में भाग लेने वाले लोग पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर हथियार और झंडों के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों की रक्षा का संदेश देंगे।
आदिवासी समाज इस मौके पर अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज बुलंद करेगा, ताकि उनकी परंपरागत और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।





