अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले का जो मकसद था वो करीब करीब पूरा हो चुका है। लेकिन युद्ध कब खत्म होगा इसपर उन्होंने कोई टाईमलाइन नहीं शेयर किया। ट्रंप ने फिर से चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान समझौते के लिए राजी नहीं होता है तो उसके एनर्जी ठिकानों पर हमले किए जाएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने शपथ लेते हुए कहा कि अगर ईरान बात नहीं मानेगा तो उसपर इतना बम गिराएंगे कि वो एक बार फिर से स्टोन एज यानी पाषाण युग में पहुंच जाएगा।
ट्रंप की इस शपथ को इसी साल अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के पहले उनकी लोकप्रियता में बहुत तेजी से गिरावट के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। मध्यावधि चुनाव अमेरिका के सभी राज्यों में होते हैं और ये राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के अलावा अन्य वदों के लिए होते हैं।
ट्रंप ने कहा ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि युद्ध कब खत्म होगा। यह युद्ध 28 फरवरी से चल रहा है। अमेरिका ने इज़राइल के साथ मिलकर ईरान पर कार्रवाई कर रही है। युद्धा अपने पांचवें हफ्ते में प्रेवश कर चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आने वाले दो से तीन हफ्तों तक हमले जारी रह सकते हैं और अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो ईरान के बिजली और एनर्जी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने अमेरिकी जनता और दुनिया के दूसरे देशों को आश्वत करते हुए कहा कि होर्मुज एस्ट्रेट युद्ध के बाद फिर से सामान्य रूप से खुल जाएगा और तेल आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
उन्होंने NATO सहयोगियों पर पर्याप्त समर्थन नहीं देने का आरोप लगाया लेकिन इसको लेकर किसी नई नीति या स्पष्ट रणनीति की घोषणा नहीं की। ट्रंप के भाषण में युद्ध समाप्त करने की ठोस योजना का अभाव दिखा जिससे चिंताएं कम नहीं हुई हैं।
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