Dhanbad IIT (ISM) News: आईआईटी (ISM) धनबाद अपनी सौवीं वर्षगांठ के अवसर पर शताब्दी स्थापना सप्ताह के भव्य आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। 1926 में “इंडियन स्कूल ऑफ माइंस एंड एप्लाइड जियोलॉजी” के रूप में स्थापित यह संस्थान खनन शिक्षा से शुरू होकर आज इंजीनियरिंग, भू-विज्ञान, ऊर्जा, कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यावरण विज्ञान जैसे आधुनिक क्षेत्रों में राष्ट्रीय विकास में योगदान दे रहा है।

शताब्दी स्थापना सप्ताह का शुभारंभ प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्र द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह वैदिक मंत्रोच्चार से शुरू होगा, उसके बाद “विकसित भारत @ 2047” विषय पर अमृतकाल विमर्श आयोजित किया जाएगा। इस विमर्श का उद्देश्य भविष्य की तकनीकी और सामाजिक दिशा तय करने में योगदान देना है। उद्घाटन समारोह में डीआरडीओ, ऊर्जा और खनन कंपनियों, सार्वजनिक प्रशासन और वैश्विक तकनीकी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
सप्ताह भर में बौद्धिक चर्चाएँ, कार्यशालाएँ, रोबोटिक्स गतिविधियाँ, नवाचार प्रतियोगिताएँ और विज्ञान-प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी आयोजित की जाएँगी। ज्ञान-विज्ञान प्रांगण में 3डी मेटावर्स माइनिंग, एआई संचालित डिजिटल ट्विन डैशबोर्ड, रोबोटिक्स और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों का प्रदर्शन होगा। पूर्व छात्रों का सम्मेलन और विरासत प्रदर्शनी संस्थान के ऐतिहासिक विकास की झलक प्रस्तुत करेंगे।
शताब्दी स्थापना सप्ताह का समापन 9 दिसंबर को 100वें स्थापना दिवस समारोह के साथ होगा, जिसमें अडाणी समूह के अध्यक्ष श्री गौतम अडाणी मुख्य अतिथि होंगे। समापन समारोह में शताब्दी विशेष घोषणाएँ, पुरस्कार वितरण और भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।
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आईआईटी (ISM) धनबाद इस अवसर को अपने गौरवपूर्ण अतीत और भविष्य के संकल्पों के साथ मना रहा है। संस्थान उभरते क्षेत्रों जैसे स्वच्छ ऊर्जा, फ्रंटियर जियोसाइंसेस और एडवांस्ड कम्प्यूटेशनल साइंसेस में देश के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।





