एक कहावत है ” इश्क और जंग में सब जायज है।” इश्क पर लिखा प्रसिद्ध शायर जिगर मुरादाबादी की यह शेर ” ये इश्क नहीं आसां इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है” जो इन दिनों धनबाद के एक सिरफिरे आशिक की करतूत को चरितार्थ करता है। धनबाद के प्रसिद्ध बीएसएस महिला महाविद्यालय उस वक्त चर्चा का विषय बन गया जब कालेज खुलते ही बाहरी दिवार पर किसी सिरफिरे आशिक ने अपनी प्रेमिका से माफी मांगने के लिए पोस्टर चिपक दिया।

पोस्टर में लिखा है कि “डिम्पी आई एम सॉरी” मुझसे गलती हो गई, प्लीज मुझे माफ कर दो, मैं आगे से ध्यान रखूंगा कि ऐसा ना हो, तुम मेरे लिए बहुत इंपॉर्टेंट हो। जब पोस्टर को हटाने की कोशिश कॉलेज के एक कर्मचारी ने की तो आशिक ने उसे मारने की धमकी दे डाली।
इस मामले तूल पकड़ा और इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। ये बात जब कॉलेज प्रबंधन तक पहुंची तो आनन-फानन में कॉलेज प्रबंधन के निर्देश पर सारे पोस्टरों हटाया गया। पूरे मामले की जानकारी कालेज के प्राचार्य डाक्टर करुणा ने मिडिया को देते हुए इस तरह की घटना काफी सर्मनाक कहा । प्राचार्य ने कहा कि महिला शिक्षण संस्थान के बाहर पोस्टर लगाने की इस घटना पर जिला प्रशासन को संज्ञान लेने की आवश्यकता है और वैसै लोग जो कालेज के आसपास रात में दिखे उन पर भी कार्यवाही करनी चाहिए।
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