ईरान ने अमेरिकी हमले का करारा जवाब दिया है। एक साथ करीब 7 देशों पर ईरान ने हमला किया है। हमले में गल्फ देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमले के विरोध ने एक साथ मध्य पूर्व के करीब 6 देशों पर हमला किया है। ये हमले ड्रोन और मिसाइल के जरिए की गई है। ईरान ने एक साथ कई मोर्चे पर अभियान शुरू कर दिया है।। इज़राइल पर सीधे मिसाइल हमलों के साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अरब देशों में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन झुंड दागे हैं। ईरानी के सैन्य अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने ईरान के रेंज में हैं। यानी इस युद्ध में एक दो नहीं बल्कि आधा दर्जन से ज्यादा देश शामिल हो चुके हैं। खास कर खाड़ी क्षेत्र प्रभावी रूप से इस संघर्ष की चपेट में आ गया है।
ईरान ने बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया। बहरीन के सरकारी अधिकारी बेड़े के सेवा केंद्र पर मिसाइल हमला किया गया। जुफैर क्षेत्र से घना धुआं उठते हुए देखा गया है। इससे मध्य पूर्व संकट के और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान के हमले को देखते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। ईरान ने गल्फ के 6 देशों में स्थित अमेरिकी मिसाइलों और ड्रोन की बरसात कर दी है जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया। अमेरिका ने बहरीन, कतर, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी के देशोंमें सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी है।
बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें फ्लीट के मुख्यालय के आसपास हमले से समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय समुदायों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है ताकि व्यापक युद्ध की स्थिति न बने।
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