रांची | झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के एक साल पूरा होने के ठीक बाद मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को राज्य सरकार के खिलाफ 22 पन्नों का ‘आरोप पत्र’ (Charge Sheet) जारी किया।

भाजपा ने दावा किया है कि हेमंत सरकार अपने वादों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है और उनकी ‘सात गारंटियां’ केवल कागजी साबित हुई हैं।
रोजगार और नियोजन नीति पर ‘धोखा’
बाबूलाल मरांडी ने सरकार को रोजगार के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि ‘मूलनिवासी आधारित रोजगार नीति’ का वादा पूरी तरह खोखला निकला।
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उन्होंने कहा, “पिछले 6 सालों में न तो कोई ठोस नीति बनी और न ही बेरोजगारी कम हुई। सरकार ने 10 लाख नौकरियों का सपना दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि जनता को सिर्फ धोखा मिला है।”
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मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार महज कुछ हजार नियुक्तियों को ऐतिहासिक उपलब्धि बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि लाखों युवा अब भी इंतजार में हैं।
सस्ती गैस और धान खरीद के वादे अधूरे
भाजपा ने अपने आरोप पत्र में सरकार की विशिष्ट गारंटियों की विफलता को भी उजागर किया:
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LPG सिलेंडर: सरकार ने 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ।
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धान खरीद: किसानों से 3,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की गारंटी दी गई थी, लेकिन किसान आज भी उचित मूल्य के लिए तरस रहे हैं।
घोटालों से घिरी सरकार
भाजपा ने आरोप लगाया कि पिछले 6 वर्षों के कार्यकाल के दौरान राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर रहा है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शराब घोटाला, नियुक्ति घोटाला और निविदाओं (Tenders) में गड़बड़ी जैसे कई मामले उजागर हुए हैं, जिससे पूरी सरकारी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 28 नवंबर को अपने मौजूदा कार्यकाल का एक वर्ष पूरा किया है। भाजपा का यह आरोप पत्र सरकार के जश्न के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।





