झारखंड में नगर निकाय चुनाव भले ही औपचारिक रूप से गैर-दलीय आधार पर कराए जा रहे हों, लेकिन सियासी दलों के बीच इसे लेकर हलचल तेज हो गई है। अधिकतर प्रमुख पार्टियां अपने समर्थित प्रत्याशियों के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी हैं। कई संभावित उम्मीदवारों ने टिकट की उम्मीद में दल बदले हैं, तो गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीटों को लेकर खींचतान भी सामने आ रही है। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आते ही चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है।भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी प्रत्याशियों के नाम तक कर दिए हैं। अब तक 1,280 प्रत्याशियों ने किया नामांकन किया है। मेयर-अध्यक्ष पद के लिए अबतक 106 प्रत्याशियों ने नामंकन पर्चा दाखिल किया है। वहीं 1,174 पर्चा वार्ड पार्षद के लिए भरे गए।

अब तक कुल नामांकन की बात करें तो मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 129 तथा वार्ड पार्षद के लिए 1,302 पर्चा दाखिल हुए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, चार फरवरी तक ही नामांकन होना है। ऐसे में मंगलवार और बुधवार को नामांकन में और भी तेजी आने की संभावना है।
विभिन्न दलों ने भी अभ्यर्थियों के समर्थन की घोषणा कर दी है। चार फरवरी को नामांकन खत्म होने के बाद पांच फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। अभ्यर्थी छह फरवरी तक नामांकन वापस ले सकेंगे। सात फरवरी को अभ्यर्थियों को चुनाव चिह्न आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद चुनाव प्रचार जोर पकड़ेगा।
भाजपा ने कई नगर निगमों के लिए समर्थित प्रत्याशी तय किए
भारतीय जनता पार्टी ने विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों में अपने समर्थित प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार रांची से रोशनी खलखो, धनबाद से संजीव अग्रवाल, चास से अविनाश कुमार, आदित्यपुर से प्रभाषिनी कांडूलिया, मानगो से संध्या सिंह, दुमका से अमिता रक्षित, चक्रधरपुर से विजय गागराई, मेदिनीनगर से अरुणा शंकर, हजारीबाग से सुरेश चंद्रवंशी, गिरिडीह से शैलेंद्र चौधरी, गढ़वा से कंचन जायसवाल, देवघर से रीता चौरसिया और लातेहार से महेश सिंह को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हो रहे हैं, इसलिए इन नामों की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी के अंदर ही अंदर उम्मीदवारों को लेकर खींचतान भी शुरू हो गई है।
भाजपा की सांगठनिक बैठक में बनी रणनीति
सोमवार को हुई भाजपा प्रदेश संगठन की बैठक में नगर निकाय चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, मधु कोड़ा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी रणनीति पर मंथन किया।
झामुमो और कांग्रेस में भी उम्मीदवारों को लेकर हलचल
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी कई सीटों पर अपने समर्थित उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं। वहीं कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन का अधिकार जिलाध्यक्षों और जिला राजनीतिक मामलों की समितियों को सौंप दिया है। इसके बाद रांची से पूर्व मेयर रमा खलखो, पलामू से नम्रता त्रिपाठी और धनबाद से शमशेर आलम के नाम सामने आए हैं।
धनबाद और मानगो में सबसे ज्यादा सियासी रस्साकशी
धनबाद में पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में झामुमो का दामन थाम लिया, जिसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे धनबाद से झामुमो समर्थित मेयर उम्मीदवार हो सकते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी धनबाद में शमशेर आलम को समर्थन देने की तैयारी में है।
मानगो नगर निगम सीट पर एनडीए और महागठबंधन के घटक दलों के बीच खींचतान जारी है। जदयू ने मानगो पर अपना दावा ठोका है, जबकि भाजपा भी यहां से अपने समर्थित प्रत्याशी को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।
डाल्टनगंज से पूर्व विधायक केएन त्रिपाठी की पुत्री नम्रता त्रिपाठी को पार्टी की ओर से हरी झंडी मिल सकती है तो जमशेदपुर से बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता का नाम लगभग तय है। जिला कमेटियों ने इन लोगों के नाम भेज भी दिए हैं। नम्रता ने मेदिनीनगर से नामांकन दाखिल किया है।
रांची में मेयर पद पर मुकाबला दिलचस्प
राजधानी रांची में मेयर पद के लिए मुकाबला रोचक होता जा रहा है। कांग्रेस ने रमा खलखो को समर्थन देने का ऐलान किया है, वहीं झामुमो के अंतु तिर्की ने भी इसी पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
23 फरवरी को मतदान, 27 फरवरी को नतीजे
झारखंड में कुल 48 नगर निकायों (9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत) के लिए 23 फरवरी को मतदान होगा। मतगणना 27 फरवरी को की जाएगी। चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराए जा रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे राजनीतिक दलों की सक्रियता ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
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