झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) आज बुधवार को अपना 54वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर धनबाद के गोल्फ ग्राउंड (रणधीर वर्मा स्टेडियम परिसर) में भव्य समारोह का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर तीन बजे समारोह स्थल पर पहुंचेंगे और शाम पांच बजे तक मौजूद रहेंगे।
समारोह में करीब पांच हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ गांडेय विधायक कल्पना सोरेन समेत पार्टी के मंत्री, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।

तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो के नेतृत्व में हुई बैठक
समारोह की तैयारियों को लेकर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो के नेतृत्व में बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में मंच, बैठक व्यवस्था, यातायात, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में कई मंत्री और विधायक शामिल होंगे, इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन के साथ समन्वय कर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
पहली बार गुरुजी के बिना स्थापना दिवस
शिबू सोरेन के निधन के बाद हेमंत सोरेन की अगुआई में पहला समारोह
झामुमो का यह स्थापना दिवस कई मायनों में ऐतिहासिक और भावुक क्षणों से भरा है। पार्टी के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद यह पहला स्थापना दिवस है, जिसे उनके बिना मनाया जा रहा है। गुरुजी का 4 अगस्त 2025 को निधन हुआ था।
पिछले वर्ष 13–14 अप्रैल को रांची में आयोजित झामुमो के महाधिवेशन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पार्टी का केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया था। स्वास्थ्य कारणों से गुरुजी को उस अधिवेशन में मुख्य संरक्षक बनाया गया था। अब पार्टी उनके मार्गदर्शन और विरासत को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ स्थापना दिवस मना रही है।
धनबाद में हुई थी पार्टी की स्थापना
4 फरवरी 1973 को रखी गई थी झामुमो की नींव
झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना 4 फरवरी 1973 को धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) में हुई थी। पार्टी की नींव शिबू सोरेन, बिनोद बिहारी महतो और ए.के. राय ने मिलकर रखी थी।
संघर्ष से सत्ता तक का सफर
आदिवासियों-गरीबों के हक की लड़ाई से अलग राज्य निर्माण तक
झामुमो की स्थापना का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों, मूलवासियों और गरीबों को शोषण व साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराना और अलग झारखंड राज्य का निर्माण कराना था। वर्षों के संघर्ष के बाद वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य का गठन हुआ।
वर्तमान में झामुमो झारखंड की सत्ताधारी पार्टी है और पिछले सात वर्षों से राज्य की सत्ता में बनी हुई है। पार्टी के 54 वर्षों के सफर में कई उतार-चढ़ाव आए। इस दौरान शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन को राजनीतिक संघर्षों के कारण जेल भी जाना पड़ा, लेकिन पार्टी का जनाधार लगातार मजबूत होता गया।
पूरे राज्य से धनबाद पहुंचे कार्यकर्ता
मंत्री-विधायकों की मौजूदगी में होगा शक्ति प्रदर्शन
54वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने के लिए पूरे झारखंड से झामुमो के नेता और कार्यकर्ता धनबाद पहुंच चुके हैं। टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन समेत पार्टी के सभी मंत्री और विधायक समारोह में शामिल होंगे।
स्थापना दिवस को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और धनबाद पूरी तरह झामुमो के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
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