Godda News: गोड्डा जिले के मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पारस नाथ +2 उच्च विद्यालय, घोरीकित्ता में डीएमएफटी (DMFT) फंड से बन रहे +2 क्लासरूम का निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने निर्माण में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों के अनुसार, क्लासरूम निर्माण में निम्न गुणवत्ता की ईंटों का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। पिलर की ढलाई में सीमेंट और बालू का अनुपात मानक के अनुरूप नहीं बताया जा रहा, जिससे भवन की मजबूती पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। जिस भवन में बच्चों की पढ़ाई होनी है, उसकी नींव में ही लापरवाही साफ झलक रही है। मामले को और गंभीर बनाता है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से बार-बार आपत्ति जताने के बावजूद संवेदक द्वारा निर्माण की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं किया गया।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रमिला सोरेन ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कई बार संवेदक को घटिया सामग्री का प्रयोग न करने की हिदायत दी, क्योंकि इसमें बच्चे पढ़ाई करेंगे और भवन का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद यदि गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा, तो यह ठेकेदार की मनमानी है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब संवेदक और संबंधित जेई की मिलीभगत से हो रहा है। शिकायत के बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच कराने, डीएमएफटी फंड के खर्च का ऑडिट कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस गंभीर आरोप पर संज्ञान लेकर जांच कराएगा या फिर डीएमएफटी फंड से बनने वाला यह भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।





