जमशेदपुर के सोनारी Airport पर मंगलवार को किसी वास्तविक आपदा नहीं, बल्कि Airport पर आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए क्रैश प्लेन लैंडिंग का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। टाटा स्टील और जिला प्रशासन के संयुक्त नेतृत्व में हुए इस अभ्यास में विमान दुर्घटना की स्थिति का वास्तविक दृश्य प्रस्तुत किया गया। जिसमें बचाव और राहत कार्यों की तत्परता को परखा गया। सोनारी Airport पर आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान विमान के क्रैश लैंडिंग की काल्पनिक स्थिति बनाई गई।

जैसे ही विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली, एयरपोर्ट और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गई। दुर्घटना के बाद विमान में आग लगने का दृश्य दर्शाया गया, जिसके बाद दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। इसके साथ ही रेस्क्यू टीम ने विमान में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया। घायलों की भूमिका निभा रहे लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से टाटा मेन हॉस्पिटल यानी टीएमएच भेजा गया।
इस दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय, आपातकालीन प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल का भी परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल में टाटा स्टील के सेफ्टी विभाग, जिला प्रशासन, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
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