पटना | पटना नगर निगम ने अपने हजारों दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। निगम ने कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।

| श्रेणी | पुरानी दर (प्रतिदिन) | नई दर (प्रतिदिन) | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| अकुशल | 400 रुपये | 424 रुपये | 24 रुपये (+6%) |
| अर्द्धकुशल | 400 रुपये | 440 रुपये | 40 रुपये (+10%) |
| कुशल | 436 रुपये | 536 रुपये | 100 रुपये (+23%) |
| अतिकुशल | 436 रुपये | 654 रुपये | 218 रुपये (+50%) |
सबसे खास बात यह है कि यह बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिल सकता है।
पटना नगर निगम: 4,887 कर्मचारियों की सुधरेगी आर्थिक स्थिति
शनिवार को मौर्यलोक स्थित मौर्य मंडपम में आयोजित एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। इस निर्णय का सीधा लाभ नगर निगम के तहत आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे 4,887 मानव बल (कर्मचारियों) को मिलेगा। बिहार सरकार द्वारा तय की गई नई न्यूनतम मजदूरी दरों को पूर्ण रूप से लागू करने का उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
महापौर का निर्देश- समय पर हो भुगतान
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महापौर सीता साहू ने कहा, “यह केवल पैसों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि हमारे मेहनतकश श्रमिकों को सम्मान और सुरक्षा देने की हमारी प्रतिबद्धता है।” उन्होंने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया कि बढ़ी हुई दरों के अनुसार वेतन का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने श्रमिकों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने की बात कही।
पारदर्शिता के लिए होगी नियमित समीक्षा
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्पष्ट किया कि नई मजदूरी दरों को लागू करने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों, एजेंसियों और निगम प्रबंधन के बीच अब नियमित समीक्षा बैठकें होंगी ताकि पारदर्शी संवाद बना रहे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों की आवाज सुनी जाए और उन्हें उनका हक बिना किसी देरी के मिले।
बैठक में उप महापौर रेशमी कुमारी, उप नगर आयुक्त राजन सिन्हा, प्रद्युमन सिंह सहित सशक्त स्थायी समिति के सदस्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






