द्रौपदी मुर्मू के जमशेदपुर आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम स्थलों, एयरपोर्ट और रूट लाइन का किया संयुक्त निरीक्षण किया है। भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 26 फरवरी 2026 को प्रस्तावित जमशेदपुर आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थलों, सोनारी एयरपोर्ट तथा निर्धारित रूट लाइन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू का यह दूसरा जमशेदपुर दौरा होगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, महामहिम राष्ट्रपति कदमा स्थित मैरिन ड्राइव किनारे श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर एवं करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले श्री जगन्नाथ मंदिर का शिलान्यास करेंगी। इस कार्यक्रम के बाद बारिडीह स्थित मनिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में एक नए भवन का शिलान्यास कर छात्रों से संवाद भी करेंगी।
सुरक्षा व प्रोटोकॉल पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मंच निर्माण, अतिथि दीर्घा, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग, मीडिया प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, अग्निशमन व्यवस्था तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सहित सभी बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी तैयारियां निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप समय पर पूरी की जाएं।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रपति सुबह 11 बजे के बाद सोनारी एयरपोर्ट पर उतरेंगी। वहां से सड़क मार्ग से सोनारी साई मंदिर होते हुए मैरिन ड्राइव के रास्ते कदमा स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगी। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद स्टेटमाइल रोड होते हुए बारिडीह मेडिकल कॉलेज जाएंगी। इस दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि आमजन को असुविधा न हो।
पुरी के मंदिर की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम
श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि प्रस्तावित मंदिर लगभग ढाई एकड़ भूमि पर निर्मित होगा। डेढ़ एकड़ में मुख्य मंदिर परिसर तथा एक एकड़ में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया जाएगा। मंदिर की संरचना श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी की तर्ज पर तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य लगभग चार वर्षों में पूर्ण होगा, जबकि आध्यात्मिक केंद्र दो वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा। केंद्र का उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना है। गीता और भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी।
बेहरा ने कहा कि 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में स्थित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहां आमंत्रित कर नैतिकता, अनुशासन और आत्मबल के विकास का अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि युवा जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना कर सकें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
समारोह में कई गणमान्य होंगे शामिल
शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति के अलावा झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति प्रस्तावित है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और प्रशासन इसे ऐतिहासिक अवसर मानते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटा है।





