Deoghar News: देवघर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही सिकल सेल और थैलेसीमिया के मरीजों के लिए एक विशेष केंद्र की स्थापना की जाएगी। इस पहल से न केवल झारखंड बल्कि पूरे संताल परगना क्षेत्र के हजारों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इस केंद्र में आधुनिक जांच, जेनेटिक उपचार और यहां तक कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। एम्स प्रबंधन के अनुसार, अक्टूबर 2025 से यह सेवा औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी।
इस योजना के तहत विशेष स्क्रीनिंग अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसकी शुरुआत संताल परगना से की जाएगी। इस अभियान के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सिकल सेल और थैलेसीमिया से ग्रसित मरीजों की पहचान की जाएगी और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी।
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देवघर एम्स में शुरू हो रही इस सेवा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत और सुलभ चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, एम्स में कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में मरीजों को लंबी अवधि का संपूर्ण उपचार उपलब्ध होगा।
सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की इस पहल को स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी सराहा है। माना जा रहा है कि यह कदम झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में अनुवांशिक रोगों से निपटने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।





