झारखंड स्थित बाबा भोले की नगरी देवघर में इस बार निकलने वाली शिव बारात भक्ति के साथ सामाजिक चेतना का भी सशक्त संदेश देगी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली यह भव्य शिव बारात श्रद्धा, आस्था और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम बनेगी। भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात में शामिल झांकियां न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होंगी, बल्कि समसामयिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर लोगों को सोचने पर भी मजबूर करेंगी।

परंपरागत रूप से शिव बारात में भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी, गणों और विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। इस वर्ष भी धार्मिक झांकियों की भव्यता अद्भुत रहने वाली है। कलाकारों द्वारा की गई सूक्ष्म सजावट, रंग-बिरंगे परिधान और आकर्षक लाइट व्यवस्था पौराणिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी। श्रद्धालु जब इन झांकियों के दर्शन करेंगे तो भाव विभोर हो उठेंगे।
महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष बाबा धाम यानी देवघर में शिव बारात धूमधाम से निकाली जाएगी, जिसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस बार की शिव बारात कुछ खास रहने वाली है, क्योंकि धार्मिक विषयों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों को भी प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा।
साइबर अपराध जैसे तेजी से बढ़ते खतरे को दर्शाती एक विशेष झांकी निकाली जाएगी, जिसमें ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और मोबाइल हैकिंग जैसे मामलों के प्रति लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की लत और उसके दुष्परिणामों को दर्शाती एक झांकी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी, जो युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा देगी।
इसी क्रम में “उंगली मार डाकू” की थीम पर आधारित झांकी भी चर्चा का केंद्र बनने वाली है। यह झांकी लोक कथाओं की झलक प्रस्तुत करते हुए समाज में व्याप्त छोटी-बड़ी बुराइयों पर व्यंग्यात्मक संदेश देगी।
देवघर के शिव बारात आयोजन समिति और कलाकारों का कहना है कि इस बार की शिव बारात केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं करेगी, बल्कि समाज को जागरूक करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। देवघर की यह ऐतिहासिक शिव बारात एक बार फिर आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण पेश करेगी।
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