बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की ओर से कक्षा 10वीं (मैट्रिक) की वार्षिक परीक्षा मंगलवार यानी आज से शुरू हो गई। इस वर्ष राज्यभर से लगभग 15.12 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा 25 फरवरी 2026 तक चलेगी।

बोर्ड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार परीक्षा के लिए राज्य के अलग अलग जिलों में 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो पालियों प्रथम पाली (सुबह) और द्वितीय पाली (दोपहर) में संपन्न हो रही है। प्रशासन ने परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राजधानी पटना सहित सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर सघन जांच की गई। परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे ताकि प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
बोर्ड ने परीक्षार्थियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं
प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा।
परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
छात्रों को साधारण व निर्धारित ड्रेस कोड में ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।
जूते-मोजे संबंधी नियमों का भी पालन करना अनिवार्य होगा।
यदि कोई छात्र प्रवेश पत्र लाना भूल जाता है तो वैकल्पिक पहचान पत्र के आधार पर केंद्राधीक्षक के निर्णय अनुसार परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जा सकती है।
बोर्ड की अपील
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने सभी छात्रों से शांतिपूर्वक और ईमानदारी से परीक्षा देने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों से भी सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।
मैट्रिक परीक्षा राज्य के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिए अहम मानी जाती है। क्योंकि इसी के आधार पर आगे की पढ़ाई की दिशा तय होती है। प्रशासन का दावा है कि इस बार परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। मैट्रिक की परीक्षा को जीवन का प्रथम महत्वपूर्ण एग्जाम भी माना जाता है।
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