धनतेरस का महत्व
माना जाता है कि इस दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरि अमृत कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन धन और आरोग्य दोनों की पूजा की जाती है। भगवान धनवंतरि को आयुर्वेद का जनक माना जाता है, वहीं माता लक्ष्मी की पूजा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

क्यों मनाई जाती है धनतेरस
इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या अन्य कीमती सामान खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो कोई भी इस दिन कोई शुभ वस्तु खरीदता है, उस पर देवी लक्ष्मी का आगमन होता है और उसके धन में वृद्धि होती है।
शुभ मुहूर्त
पूजा का सबसे शुभ समय सायं 6:30 बजे से 8:30 बजे तक रहेगा। इस समय लक्ष्मी और भगवान धनवंतरि की पूजा करने से विशेष फल मिलता है।
Also Read: Bihar Chunav 2025: मुकेश सहनी नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, महागठबंधन में रणनीति बनी
पूजा विधि
धनतेरस पर दीप जलाकर भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाने और नई वस्तुएँ खरीदने की परंपरा भी इसी दिन से शुरू होती है।
यह दिन हमें सिखाता है कि धन न केवल भौतिक सुख का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य और सकारात्मकता का भी प्रतीक है।





