भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित व्यापार समझौते को लेकर अमेरिका ने अपनी फैक्टशीट में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। दालों को इस डील से अलग कर दिया है। संशोधित दस्तावेज़ में दालों का उल्लेख हटा दिया गया है। जो पहले के संस्करण में शामिल था। पहले कहा गया था कि भारत कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शुल्क कम या समाप्त करेगा। लेकिन नई फैक्टशीट में दालों का जिक्र नहीं है। इससे भारतीय किसानों और खासकर दाल कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही भारत द्वारा अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान की खरीद को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा में भी बदलाव किया गया है। पहले इसे भारत की “प्रतिबद्धता” बताया गया था। जबकि अब इसे “इरादा” कहा गया है। इससे संकेत मिलता है कि यह कोई बाध्यकारी शर्त नहीं है बल्कि भविष्य की संभावित योजना है।
संशोधित दस्तावेज़ में डिजिटल सेवाओं पर कर और व्यापार से जुड़े अन्य बिंदुओं की भाषा को भी अपेक्षाकृत नरम किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों का उद्देश्य समझौते की शर्तों को संतुलित करना और संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि से जुड़े मुद्दों पर भारत की चिंताओं को ध्यान में रखना है।
इन संशोधनों के बाद यह साफ़ हुआ है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की रूपरेखा पर बातचीत और सहमति की प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम शर्तें तय होने में कुछ और देरी हो सकती है।
Also Read- अमेरिका-भारत के बीच मेगा ट्रेड डील, टैरिफ 50% से घटाकर 18% करेगा, रूस से तेल नहीं खरीदने की शर्त





