झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को विधानसभा परिसर में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य विधानसभा की कार्यवाही को पूरी तरह डिजिटल और कागज-रहित यानी पेपरलेस बनाना है ताकि विधानसभा के कार्यों में पारदर्शिता और स्पीड को बढ़ाना है।

विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था का आंशिक उपयोग आगामी बजट सत्र से शुरू किया जाएगा, जबकि इसे पूरी तरह अगले मानसून सत्र से लागू करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि NeVA प्रणाली के माध्यम से सदन की कार्यसूची, प्रश्न, दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारियां डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगी। इससे विधायकों को सदन की कार्यवाही की जानकरी आसानी से पहुंच सकेगी और वे ऑनलाइन माध्यम से प्रश्न और नोटिस भेज सकेंगे।
इस अवसर पर विधायकों को NeVA ऐप से लैस टैबलेट भी वितरित किए गए और नई डिजिटल प्रणाली के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो ने कहा कि इस पहल के बाद विधायक प्रश्न, नोटिस, प्राइवेट मेंबर बिल और अन्य प्रस्ताव ऑनलाइन जमा कर सकेंगे साथ ही उनकी स्थिति भी ट्रैक कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश में लगभग 20 राज्यों के विधान सभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के माध्यम से डिजिटल एवं पेपरलेस तरीके से विधायी कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। और अब झारखंड की विधानसभा भी देश की उन पेपेरलेस विधानसभाओं की श्रेणी में शामिल हो जाएगी।
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