झारखंड विधानसभा के 2026 के पहले सत्र की शुरुआत हो गई। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सदन को संबोधित किया। राज्यपाल ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सदन और
पूरे राज्य वासियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा सरकार का समावेशी विकास, सामाजिक सौहार्द और सुशासन को और मजबूत करने का मजबूत संकल्प है। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने बताया कि इस बजट सत्र में कुल 17 कार्य दिवस होंगे। जिनमें राज्य की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। इस सत्र में 2025–26 के तीसरे अनुपूरक बजट और 2026–27 का वार्षिक बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों से तर्कसंगत और तथ्य-आधारित चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। विधायी कार्य नेशनल ई-विधान एप (NEVA) के माध्यम से आंशिक रूप से पेपरलेस (कागज़ रहित) तरीके से किए जा रहे हैं
भ्रष्टाचार पर सख्ती, कानून व्यवस्था में चुस्ती और ग्लोबल स्तर पर पहचान
राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्रथम प्राथमिकता दी है। अपराध और उग्रवाद पर सख्त कार्रवाई जारी है। 2025 में साइबर क्राइम के 1,413 मामलों में 1,268 गिरफ्तारियां हुईं। भ्रष्टाचार के खिलाफ 54 लोक सेवकों की गिरफ्तारी से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर झारखंड ने 25 साल पूरे कर वैश्विक स्तर पर छाप छोड़ी है। झारखंड पहली बार दावोस के वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम का हिस्सा बना। स्वीटजरलैंड के दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ग्रीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, पर्यटन और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाएं दिखाईं। दावोस के बाद ब्रिटेन में हुई बैठकों से अब तक झारखंड को 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

रोजगार, व्यवसाय और डिजिटल गवर्नेंस पर फोकस
MSME को बूस्ट देने के लिए नया स्पेशल कंसेशन एक्ट लागू किया गया। सिंगल विंडो सिस्टम अपग्रेड हुआ। 229 भर्ती कैंप और 85 रोजगार मेलों से 12,576 युवाओं को नौकरी मिली। प्रवासी मजदूरों के लिए 7 राज्यों में सहायता केंद्र खोले गए। डिजिटल गवर्नेंस और आईटी क्रांति से रांची, सिंदरी और देवघर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क तैयार। आईटी, डेटा सेंटर और स्टार्टअप पॉलिसी से युवाओं को नए अवसर। ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का काम तेज।
इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और पर्यावरण पर जोर
हजारों करोड़ की सड़क, पुल और ग्रामीण कनेक्टिविटी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई हैं। पर्यटन विकास के साथ वनावरण बढ़ाने पर फोकस। पेसा नियमावली 2025 से ग्राम सभाओं को मजबूत अधिकार मिला। बाल विवाह रोकथाम में झारखंड देश में नंबर वन पर रहा। हर घर जल, साईकिल वितरण, छात्रवृत्ति और खनिज ब्लॉक नीलामी जैसी कई उपलब्धियां गिनाईं।
अभिभाषण के अंत में राज्यपाल ने केंद्र सरकार से झारखंड के विकास के लिए अपेक्षित सहयोग की उम्मीद जताई और सदन से जनहित में रचनात्मक चर्चा की अपील की। राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ग के लिए विकास और कल्याण सुनिश्चित करना है। राज्यपाल का अभिभाषण पूरी तरह से पावर पैक्ड रहा जिसमें झारखंड की प्रगति और लोगों के उत्थान से जुड़े हर पहलू को शामिल किया गया।





