जामताड़ा में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने को लेकर प्रशासन मुस्तैद है। 23 फरवरी को 67 केंद्रों पर 63,523 मतदाता करेंगे मतदान। जामताड़ा जिले में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है। मिहिजाम नगर परिषद और जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में मतदान को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। कई छोटे-छोटे टीम का गठन कर मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण, बैलेट पेपर और दूसरी जरूरतें कर ली गई हैं। गुरुवार को जिला निर्वाची पदाधिकारी सह उपायुक्त रवि आनंद ने चुनाव प्रेक्षक संजय पांडे और विभूति मंडल के साथ तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मतदान कर्मियों से बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
जिले के 67 मतदान केंद्रों पर 420 कर्मी रहेंगे तैनात
जिले के दो निकाय मिहिजाम नगर परिषद और जामताड़ा नगर पंचायत में कुल 67 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 420 मतदान कर्मी चुनाव संपन्न कराएंगे। कुल 63,523 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र में 39 मतदान केंद्रों पर 245 कर्मी तैनात रहेंगे, जबकि जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में 28 केंद्रों पर 175 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

प्रशिक्षण और डिस्पैच की व्यवस्था पूरी
उपायुक्त रवि आनंद ने बताया कि सभी मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। जामताड़ा और मिहिजाम के लिए अलग-अलग डिस्पैच काउंटर बनाए गए हैं, जहां से मतदान दलों को आवश्यक सामग्री के साथ रवाना किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने या गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मतपेटी, मतपत्र और आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण
मतदान कर्मी प्रशिक्षक एस. एम. इमाम ने जानकारी दी कि सभी कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई है। प्रशिक्षण के दौरान मतपेटियों के उपयोग, मतपत्रों की सीलिंग, मतदाता पहचान, मतदान रजिस्टर के संधारण और आपात स्थिति से निपटने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। प्रत्येक मतदान केंद्र पर तीन-तीन मतपेटियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।
23 फरवरी को होगा मतदान
23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर सभी अधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि लोकतंत्र का यह महापर्व पूरी पारदर्शिता, शांति और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो।





