मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर भारतीय चूल्हे पर अब की जारी है। संकट में थोड़ी कमी जरूर आयी है। लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों से गैस एंजेंसियों के बाहर लंबी कतार की खबरें अभी भी आना जारी है। देश में इलेक्ट्रिक इंडक्शन की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि पहले जैसी पेनिक की स्थिति नहीं है क्योंकि ईरान ने करीब 2 दर्जन भारतीय जहाजों को होर्मूज स्ट्रेट से पास होने की अनुमति दे दी है। इन दो दर्जन जहाजों में से करीब आधा दर्जन एलपीजी टैंकर वाली जहाज है। जानकार इसे भारतीय कूटनीति की जीत बता करे हैं। क्योंकि एक ओर भारत इजरायल और अमेरिका का भी सपोर्ट कर रहा है वहीं दूसरी ओर ईरान से मदद लेने में भी कामयाब हो गया है। सूत्रों का कहना है कि भारत के 2 जहाज के बदले ईरान ने 2 दर्जन जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से पास होने की इजाजत दी है।
दरअसल अमेरिका और इजरायल की बमबारी से ईरान में बड़ी संख्या में नागरिक घायल हुए हैं और उनके इलाज़ के लिए उन्हें दवाइयों क जरूरत है। सूत्रों की मानें तो इस स्थित को भांपते हुए भारत ने 2 शिप दवाइयां और खाद्यान ईरान को भेजने की पेशकश की। जिसके बदले में ईरान दो दर्जन भारतीय जहाज को जाने की इजाजत दी है।
वहीं दूसरी ओर एलपीजी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने इंडस्ट्री के लिए यूज होने वाली एलपीजी में कटौती की है। साथ ही एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्त लगाम लगा रही है। इससे फिलहाल पेनिक की स्थित खत्म हो गई है। लेकिन एलपीजी के लिए लंबी कतारें, कमर्शियल सिलेंडर की कमी से मैन्यू में कटौती जैसी स्थिति अभी भी देखी जा रही है। साथ ही तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी गैस की कीमतों में करीब 7 परसेंट की बढ़ोतरी कर दी है।
कुल मिलाकर देश में फिलहाल रसोई गैस को लेकर स्थिति नियंत्रण में है लेकिन सरकार की इसपर नजर बरकरार है। क्योंकि देश में रसोई गैस के 33 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता हैं।
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