सिवान जिले के महाराजगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत शूरवीर गांव के वार्ड संख्या-2 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत संचालित नल-जल योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है। वार्ड सदस्या और योजना के अनुरक्षक के बीच चल रहे वेतन विवाद का खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले करीब एक महीने से गांव में पानी की सप्लाई बंद है, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार नल-जल योजना का स्ट्रक्चर जर्जर हो चुका है और पानी की टंकी की हालत भी बेहद खराब है। इसके कारण पूरे गांव में जलापूर्ति ठप पड़ी हुई है। पानी नहीं मिलने से लोगों को दूर-दराज के चापाकलों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
योजना के अनुरक्षक अमरेंद्र कुमार शाही ने आरोप लगाया है कि उन्हें कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक बकाया वेतन नहीं मिलेगा, तब तक पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने बीपीआरओ को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
वहीं, वार्ड सदस्या लक्ष्मीना देवी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि योजना संचालन से जुड़े लोगों को भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने अनुरक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
वार्ड सचिव रामकृपाल पांडेय ने कहा कि दोनों पक्षों के विवाद का सीधा असर आम ग्रामीणों पर पड़ रहा है। भीषण गर्मी में गांव के लोग पानी के लिए परेशान हैं, जबकि नल-जल योजना बंद पड़ी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर योजना को दुरुस्त कराने और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।





