Jharkhand के जामताड़ा जीले में TB मुक्त बनाने की दिशा में पहल की गई। जीसमें स्वास्थ्य विभाग ने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को टीबी के लक्षण, बचाव और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई ,और क्विज प्रतियोगिता में विजेताओं को किया सम्मानित। Jharkhand में स्वास्थ्य विभाग की ओर से RSETI एवं जेएसएलपीएस में प्रशिक्षण ले रही महिलाओं के बीच यक्ष्मा (टीबी) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को टीबी बीमारी के प्रति जागरूक करना तथा समाज में इसके प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना था। टीबी एक सक्रमंण बिमारी है । जीसे हर आयु के वर्ग के लोगों को बच कर रहना चाहिए। सक्रंमित लोगों से बच कर रहना चाहिए। इन बिंदुओं को पर बात करते हुए कार्यक्रम को समापन की ओर बढ़ाया गया ।

कार्यक्रम में यक्ष्माकर्मी आशीष कुमार चौबे एवं तरुण नंदी ने महिलाओं को टीबी के लक्षण, इसके उपचार, बचाव के उपाय तथा सरकार द्वारा TB मरीजों को दी जाने वाली सहायता राशि के संबंध में विस्तृत जानकारी दीया। उन्होंने बताया कि पहले TB का इलाज संभव नहीं था,जीस से अधिकतर मरिजों की मौत हो जाती थी। लेकीन अपने भारत देश में टीबी का इलाज संभव होने के कारण आज हमारा देश टीबी मुक्त हो चुका है। जिसके लिए भारत सरकार ने देश में कई टीबी मुक्त भारत का अभियान भी चलाया।भारत सरकार के उठाय गए सराहनीय कदम ने आज भारत को टीबी जैसे बड़े महामारी से आज भारत को छुटकारा मिल पाया ।
Jharkhand में प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को यह भी सलाह दी गई कि यदि किसी व्यक्ति में लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या अन्य टीबी संबंधी लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराने के लिए प्रेरित करें, ताकि जामताड़ा को TB मुक्त बनाया जा सके।
मौके पर संजीत पाल सहित RSETI के कई कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के बीच क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान अंकिता घोष, द्वितीय स्थान जयश्री वास्की तथा तृतीय स्थान अनुग्रहिता बारला हेंब्रम ने प्राप्त किया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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