New Delhi के मालवीय नगर में लगी भीषण आग की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।इस New Delhi के घटना को लेकर दुमका और बोकारो के ज़िला प्रशासन काफी सतर्क हो गई है।बता दें कि दुमका ज़िला प्रशासन ने स्थानीय होटलों में सुरक्षा इंतज़ामों की जांच की।प्रशासन के अनुसार इन होटलों में आग से सुरक्षा के उपाय नाकाफ़ी हैं। SDO ने कहा कि New Delhi के मौजूदा हालात को देखते हुए अगर इन होटलों में आग लगती है,तो New Delhi जैसी त्रासदी आसानी से हो सकती है। इसलिए आगजनी घटना होने से पहले सतर्क रहने की जरूरत है।

नई दिल्ली के आगजनी घटना को लेकर दुमका में नहीं बल्की बोकारो में ज़िला प्रशासन ने होटलों की जांच कर कमियाें को तलाश करने में लग गई है।बोकारो डीसी अजय नाथ झा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए चास और बेरमो एसडीएम को जांच का जिम्मा दिया।बोकारो जिले के सभी होटल में इस तरह की शिकायत मिलने की बात डीसी ने कही है उन्होंने कहा कि फायर एक्जिस्ट वाले रास्ते पर भी सामानों के रखरखाव की जानकारी मिल रही है उन्होंने कहा कि मानव क्षति सबसे बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी होटल में नियम के विरुद्ध कार्य और फायर सेफ्टी नहीं पाया जाएगा,वैसे होटल को बंद करने का भी काम किया जाएगा। बोकारो जिले में तीन दर्जन से अधिक होटल संचालित होते हैं जिसमें 3 स्टार होटल भी शामिल है।
इस घटना को लेकर हर जिले की ज़िला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम ने जब दो होटलों की जांच की तो कमियां सामने आई।टाउन पुलिस स्टेशन के ठीक सामने स्थित होटल रॉयल मैजेस्टिक में आग बुझाने वाले यंत्र (फ़ायर एक्सटिंग्विशर) एक्सपायर्ड पाए गए और स्मोक डिटेक्टर में भी खराबी मिली।वही होटल सूर्या में आग से सुरक्षा के लिए ज़रूरी स्प्रिंकलर सिस्टम भी ठीक हालत में नहीं था। जांच में फ़ायर अलार्म,फ़ायर डिपार्टमेंट की NOC और ज़रूरी सुरक्षा सलाहों के पालन को लेकर भी कमियां पाई गई।
यूं कहे तो धीरे – धीरे दोनों सभी जिलों के जिला प्रसाशन सतर्क मोड पर आ रही है। होटलों में ठहरे मेहमानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई थी।आग लगने की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ज़रूरी संसाधन और इंतज़ाम नहीं थे,जिससे लोगों की जान को बड़ा ख़तरा था।
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