जमशेदपुर के घाटशिला में Surda Mines में काम करने वाले मज़दूरों ने कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली कंपनी पर मज़दूरों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मज़दूरों का कहना है कि उन्हें Surda Mines में बुनियादी सुविधाएंऔर हक नहीं मिल रहे हैं, जिनमें कम से कम वेतन, मेडिकल सुविधाएँ और दुर्घटना होने पर मुआवज़ा शामिल है। अपनी माँगों को लेकर मज़दूरों ने आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए मज़दूर नेता और एक्टिविस्ट बागराई मार्डी के साथ एक बैठक की।

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की घाटशिला स्थित सुरदा माइन्स में माइनिंग का काम संभालने वाली कॉन्ट्रैक्टर कंपनी ‘आर.के. एंटरप्राइजेज़ रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ़ मज़दूरों में नाराज़गी बढ़ रही है। लगभग 950 मज़दूरों का आरोप है कि उन्हें कम से कम वेतन, सही मेडिकल सुविधाएँ, दुर्घटना की स्थिति में उचित मुआवज़ा या लेबर लॉ के तहत मिलने वाले अन्य अधिकार नहीं मिल रहे हैं।मज़दूरों ने इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई, जिसमें मज़दूर नेता और एक्टिविस्ट बागराई मार्डी भी शामिल हुए। बैठक के दौरान मज़दूरों ने उनके सामने अपनी कई शिकायतें और माँगें रखीं। गौरतलब है कि बागराई मार्डी अभी तुरामडीह माइन्स से विस्थापित हुए लोगों की माँगों को लेकर भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
बैठक में मज़दूरों ने सर्वसम्मति से बागराई मार्डी को अपने आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए चुना। इस मौके पर बोलते हुए बागराई मार्डी ने कहा कि वह मज़दूरों के सभी मुद्दों पर कंपनी मैनेजमेंट से बातचीत करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मज़दूरों की माँगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में ज़ोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा और इसके नतीजों की पूरी ज़िम्मेदारी कंपनी मैनेजमेंट की होगी।
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