धनबाद ज़िले के टुंडी Block Office में अभी भारी अव्यवस्था और आम लोगों की बेबसी साफ़ दिख रही है। सैकड़ों लोग जिनमें पुरुष, महिलाएं, बुज़ुर्ग और छोटे बच्चों को गोद में लिए माताएं शामिल हैं टुंडी के दूर-दराज़ ग्रामीण इलाकों से आए हैं और सुबह से Block Office के अंदर लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं, ताकि वे अपना आधार कार्ड बनवा सकें या उसमें जानकारी ठीक करवा सकें। Block Office परिसर में जमा इस भारी भीड़ के पीछे लोगों की मजबूरियां छिपी हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कई दिव्यांग और बुज़ुर्ग ऐसे हैं जिनकी पेंशन का भुगतान आधार कार्ड में गलतियों के कारण रुका हुआ है।

बता दें कि जब तक ये सुधार नहीं हो जाते, उन्हें पेंशन नहीं मिल सकती। इसके अलावा, कई नई-नवेली महिलाएं जो मायके से ससुराल आई हैं, उनके लिए अपने आधार की जानकारी को आधिकारिक दस्तावेज़ों के अनुसार अपडेट करना ज़रूरी है। टुंडी के दूर-दराज़ इलाकों से आए लोग चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। छोटे बच्चों और दिव्यांगों को सबसे ज़्यादा परेशानी हो रही है। बैठने की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराज़गी बढ़ रही है। लाइन में खड़ी एक महिला ने अपना दुख ज़ाहिर करते हुए कहा, “हमें इतनी दूर का सफ़र करने और आने-जाने में ज़्यादा किराया खर्च करने के बाद इस भीषण गर्मी में यहां आना पड़ता है।
अगर यह आधार सेंटर ब्लॉक ऑफ़िस के बजाय पंचायत स्तर पर खोला जाता, तो हम ग्रामीणों को बहुत राहत मिलती। हमारे छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को आधार कार्ड बनवाने या ठीक करवाने के लिए इतनी लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती और न ही गर्मी में परेशान होना पड़ता।स्थानीय ग्रामीणों ने ज़िला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि टुंडी ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हर पंचायत स्तर पर विशेष आधार कैंप लगाए जाएँ; इससे ज़रूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा और उन्हें इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
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