झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है क्यों कि इन दिनों राज्यसभा का चुनाव दिनों -दिन रोचक बनते जा रहा है। दो seats के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। धनबाद के सांसद ढुलू महतो का कहना है कि परिमल नाथवानी की जीत पक्की है, साथ ही उन्होंने ‘महागठबंधन’ पर हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का आरोप लगाया है। झारखंड में राज्यसभा की दो seats के लिए तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी के बाद सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के दो seats को लेकर बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।

जहां राज्य का ‘महागठबंधन’ इसे हॉर्स-ट्रेडिंग और वोट खरीदने की राजनीति बता रहा है, वहीं बीजेपी नेता और सांसद जीत को लेकर आश्वस्त हैं। परिमल नाथवानी की जीत का दावा करते हुए धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में विधायक अपनी अंतरात्मा के अनुसार वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि भले ही किसी के पास संख्या बल हो, लेकिन कोई भी लोगों के मन को नियंत्रित नहीं कर सकता।
‘महागठबंधन’ पर निशाना साधते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन दूसरों पर हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप लगाता रहता है, जबकि हकीकत यह है कि उनके अपने विधायक ही असंतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी और एनडीए के सभी विधायक एकजुट हैं और परिमल नाथवानी को व्यापक समर्थन मिलेगा।
ढुलू महतो ने झारखंड के साथ नाथवानी के लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव का भी जिक्र किया और कहा कि कई विधायक उनके ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर उनका समर्थन कर सकते हैं। बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है; पार्टी नेताओं का कहना है कि विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण यह रणनीतिक फैसला लिया गया। इस बीच, ‘महागठबंधन’ के नेताओं का आरोप है कि बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के मैदान में आने से क्रॉस-वोटिंग और हॉर्स-ट्रेडिंग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दोनों खेमे फिलहाल चुनाव को लेकर लगातार बैठकें और रणनीतिक योजना बनाने में जुटे हैं।
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