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झारखंड में रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी: 262 उम्मीदवारों को सौंपे गए नियुक्ति (Appointment) पत्र

On: June 24, 2026 6:53 PM
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झारखंड में रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी: 262 उम्मीदवारों को सौंपे गए नियुक्ति (Appointment) पत्र
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झारखंड में रोजगार का अवसर बढ़ाने के क्षेत्र में  सरकार लगातार कोशिश कर रही है। 262 उम्मीदवारों को  नियुक्ति (Appointment) पत्र किए गए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के ऑडिटोरियम में स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग पदों के लिए चुने गए 262 उम्मीदवारों को नियुक्ति  (Appointment)  पत्र सौंपे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उन्हें ईमानदारी से काम करने और अपनी सैलरी का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी, क्योंकि यह सैलरी आम लोगों के पैसे से दी जाती है। नियुक्ति पत्र पाने वाले 262 उम्मीदवारों में JPSC के ज़रिए स्थायी तौर पर नियुक्त (Appointment) 56 फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर, कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त (Appointment) 151 स्पेशलिस्ट डॉक्टर, 29 सीनियर हॉस्पिटल मैनेजर और 26 फ़ाइनेंस मैनेजर शामिल हैं। नियुक्ति (Appointment)  पत्र बांटने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज अहम पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल मैनेजर और फ़ाइनेंस मैनेजर की भूमिका भी डॉक्टरों जितनी ही अहम है। सरकारी अस्पतालों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं।  आज नियुक्त किए गए अधिकारी अब सरकार का अहम हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “हमेशा याद रखें कि आपको और मुझे जो सैलरी मिलती है, वह आम आदमी से आती है। इसलिए, जिन कामों के लिए आपकी नियुक्ति हुई है, उन्हें पूरी ईमानदारी से करें।”

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उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि समेत कई विभागों में भर्तियां चल रही हैं और कई प्रक्रियाएं अभी जारी हैं। जो लोग डॉक्टरों को भगवान जैसा मानते हैं, उनकी उम्मीदों को पूरा करने की ज़िम्मेदारी अब इन नए अधिकारियों पर है। सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर हेल्थकेयर सिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े शहरों जैसा शानदार सिस्टम बनाने में समय लगेगा, लेकिन मौजूदा सीमाओं के भीतर कैसे सुधार किया जा सकता है, इस पर सोचना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नए अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए देश के बेहतरीन संस्थानों में भेजा जाए। कोविड-19 के दौर का ज़िक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि महामारी के दौरान बचाव ही एकमात्र इलाज था। उन्होंने बताया कि सरकार अपने बजट का 60% हिस्सा सैलरी पर खर्च करती है, इसलिए आम नागरिक के प्रति ज़िम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने कहा कि हर नागरिक को बेहतर हेल्थकेयर सुविधाएं देना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “जब तक झारखंड का हेल्थकेयर सिस्टम पूरी तरह से मज़बूत और व्यवस्थित नहीं हो जाता, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।” डॉ. इरफ़ान अंसारी ने बताया कि झारखंड में जहां लंबे समय से डॉक्टरों की कमी की समस्या थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को आकर्षित करने के लिए एक फाइनेंशियल बिडिंग मॉडल अपनाया गया। इस पहल को अभूतपूर्व सफलता मिली है और देश के अलग-अलग हिस्सों से डॉक्टर राज्य में सेवा देने के लिए आगे आ रहे हैं।

56 फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर्स की नियुक्ति के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट को रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, 29 सीनियर हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति का मकसद अस्पताल के प्रशासन को प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि निकट भविष्य में स्वास्थ्य विभाग में लगभग 13,000 पद भरे जाएँगे। JPSC के ज़रिए 1,200 डॉक्टरों और JSSC के ज़रिए 7,500 ANM/GNM स्टाफ़ की भर्ती के लिए अभियान चलाए जाएँगे। MBBS और पोस्टग्रेजुएट (PG) सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। उन्होंने ‘RIMS-2’ की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य भर में 4,000 हेल्थ सब-सेंटर, 303 प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) और 188 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) को अपग्रेड और मज़बूत किया जाएगा। ‘108’ एम्बुलेंस सेवा के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाएगा। डॉ. इरफ़ान अंसारी ने कहा, “अगर ‘दिशोम गुरु’ यहाँ नहीं होते, तो हम आज इस मंच पर खड़े नहीं होते,” और ‘बाबा’ सोरेन के सपनों को पूरा करने की बात कही।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह ने पिछले दो वर्षों में हुई भर्तियों के आँकड़े पेश किए और बताया कि NHM और विभाग के माध्यम से 2024-25 वित्तीय वर्ष में 1,042 और 2025-26 में 331 नियुक्तियाँ की गईं। उन्होंने फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर्स को खाद्य उत्पादों की सख़्त गुणवत्ता जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और 151 कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि इलाज IPH (इंडियन पब्लिक हेल्थ) मानकों के अनुरूप हो। उन्होंने अस्पतालों के लिए ‘अनटाइड फंड’ (बिना किसी खास शर्त के इस्तेमाल होने वाला फंड) के बारे में भी जानकारी दी: ज़िला अस्पतालों के लिए हर साल ₹75 लाख, सब-डिविज़नल अस्पतालों के लिए ₹50 लाख, CHC के लिए ₹25 लाख और PHC के लिए ₹10 लाख। दूर-दराज़ के इलाकों में सेवा देने के लिए इंसेंटिव भी दिए जाएंगे। नियुक्ति पत्र पाने वाले उम्मीदवारों के चेहरे खुशी से खिले हुए थे। जमशेदपुर में फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर के तौर पर नियुक्त भोलाशंकर ने बताया कि JPSC की भर्ती प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई थी और आखिरकार आज पूरी हुई; इस सफ़र में तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी ले जाना पड़ा था।

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