धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद ढुलू महतो ने कुमारधुबी रेलवे स्टेशन पर सात महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है। इस संबंध में भाजपा नेता जयप्रकाश सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आसनसोल रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) संग्रह मौर्य से मुलाकात कर सांसद का मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और क्षेत्र के औद्योगिक महत्व को देखते हुए प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि कुमारधुबी आजादी से पहले से ही एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र रहा है। यहां भारत सरकार के उपक्रमों के साथ-साथ कई निजी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जहां उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रमिक एवं कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होने के बावजूद कई प्रमुख ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होने से यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मांग पत्र में जिन ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है, उनमें धनबाद–पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस, जयनगर–राउरकेला एक्सप्रेस, टाटा–जयनगर एक्सप्रेस, रांची–भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस, दरभंगा–सिकंदराबाद एक्सप्रेस, कोलकाता–गाजीपुर सिटी शब्दभेदी एक्सप्रेस तथा रांची–कामाख्या एक्सप्रेस शामिल हैं। सांसद ने डीआरएम से इन ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को भेजने का अनुरोध किया है।
भाजपा नेता जयप्रकाश सिंह ने कहा कि सांसद ढुलू महतो लगातार धनबाद लोकसभा क्षेत्र के रेल यात्रियों की सुविधाओं को लेकर प्रयासरत हैं। कुमारधुबी स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल प्रशासन इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगा और यात्रियों को जल्द राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि कुमारधुबी स्टेशन धनबाद-आसनसोल रेलखंड का महत्वपूर्ण स्टेशन है। इसके आसपास चिरकुंडा, मैथन, पंचेत और कई औद्योगिक क्षेत्र स्थित हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, व्यवसाय और इलाज के लिए विभिन्न राज्यों की यात्रा करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन ट्रेनों का ठहराव स्वीकृत हो जाता है तो क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।





