जामताड़ा में आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। मंगलवार को नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता के सौजन्य से ‘आशा कॉम्पिटेटिव इंस्टीट्यूट’ नामक निशुल्क कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस संस्थान का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक अभाव के कारण महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते।

उद्घाटन समारोह में साइबर डीएसपी अमित रविदास, नगर कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत, नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता, तरुण कुमार गुप्ता, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहनलाल बर्मन, डॉ. दुर्गा दास भंडारी, चंचल भंडारी सहित कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और समारोह को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर तरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि निशुल्क शिक्षा का अर्थ गुणवत्ता से समझौता करना नहीं है। संस्थान में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की गंभीर और व्यवस्थित तैयारी के लिए अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे वे विभिन्न सरकारी और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।
नगर अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम है और जरूरतमंद विद्यार्थियों को अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
साइबर डीएसपी अमित रविदास और नगर कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान युवाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने का काम करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कोचिंग संस्थान आने वाले समय में कई विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
संस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुभवी शिक्षकों की टीम बनाई गई है। आलोक कुमार गणित, सुमंत कुमार सिंह सामान्य अध्ययन, अंकित कुमार रीजनिंग और मनोज सिंह अंग्रेजी विषय की कक्षाएं संचालित करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस पहल से जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण और मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।





