झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने भारतीय जनता पार्टी के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा बिना तथ्यों की जानकारी के सरकार और कांग्रेस पर निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

सांसद सुखदेव भगत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा का कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। उनके अनुसार, केवल ओएमआर शीट से संबंधित कुछ तकनीकी त्रुटियाँ सामने आई थीं, जिन्हें भाजपा जानबूझकर पेपर लीक का मामला बताकर छात्रों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से छात्रों की चिंता और बढ़ती है, जबकि जरूरत तथ्यों के आधार पर समाधान निकालने की है।
उन्होंने बताया कि मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के अध्यक्ष ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई। सांसद के अनुसार अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
सुखदेव भगत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संवेदनशील नेता बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्र प्रतिनिधिमंडलों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जाए, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके। साथ ही उन्होंने विशेषज्ञों की मदद से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे भविष्य में इस तरह की विवादित स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
सांसद ने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक बहस से अधिक महत्वपूर्ण है। परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय होनी चाहिए, ताकि युवाओं का भरोसा बना रहे और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। उन्होंने भाजपा से भी अपील की कि वह छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सकारात्मक सहयोग करे और राज्य के युवाओं के हित में रचनात्मक भूमिका निभाए।
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