बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में कथित करोड़ों रुपये की निवेशक ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई का केंद्र जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फुलका स्थित कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव का आवास रहा, जहां सुबह करीब पांच बजे अधिकारियों ने तलाशी अभियान शुरू किया। छापेमारी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक ईडी अधिकारी स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में सुबह तड़के मौके पर पहुंचे और घर में मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ-साथ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू की। टीम बैंक खातों, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों को खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक, मामले के प्राथमिक आरोपित जयधन तांती और प्रिया राजीव रंजन से भी पूछताछ की जा रही है। ईडी इस पूरे मामले में धनशोधन के पहलू और कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने लोगों को कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने और जल्द अमीर बनने का लालच देकर करोड़ों रुपये जुटाए। शिकायतों के मुताबिक, शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान कर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में बड़ी रकम इकट्ठा करने के बाद कंपनी के संचालक फरार हो गए। आरोप है कि मुंगेर, खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय, भागलपुर और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के करीब पांच हजार लोगों से एक अरब रुपये से अधिक की कथित ठगी की गई।
इस मामले में करीब दो वर्ष पहले 50 से अधिक पीड़ितों ने अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। निवेशकों ने अपनी रकम वापस दिलाने के लिए पुलिस, प्रशासन और न्यायालय का भी सहारा लिया। जांच के दौरान कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव फरार हो गए थे, लेकिन बाद में 27 नवंबर 2024 को उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है।
बताया जाता है कि 18 नवंबर 2024 को कंपनी के कार्यालय पर ताला लगने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने जमालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी आधार पर कांड संख्या 224/24 दर्ज हुआ था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने कंपनी की गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की, जो अब ईडी की कार्रवाई तक पहुंच चुकी है।
ईडी की ताजा छापेमारी को इस बहुचर्चित निवेशक धोखाधड़ी मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां और किस तरह खर्च की गई, किन खातों में धन का हस्तांतरण हुआ और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए धन को छिपाने या स्थानांतरित करने का प्रयास तो नहीं किया गया। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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