श्रावणी मेला के दौरान खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने झारखंड में व्यापक अभियान चलाते हुए रांची और देवघर में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की अलग-अलग छापेमारी में 1300 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध पनीर, देसी घी, क्रीम और खोया जब्त किया गया है। जब्त किए गए सभी खाद्य पदार्थों के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी रांची में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रातू रोड स्थित दुर्गा मंदिर और मां डेयरी क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान करीब 800 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध और कथित रूप से नकली पनीर, देसी घी, क्रीम तथा खोवा बरामद हुआ। अधिकारियों ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को जब्त कर लिया और आवश्यक नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला भेज दिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि राजधानी के कई बड़े प्रतिष्ठानों में हाल के दिनों में छापेमारी की गई है, जहां से कई खाद्य नमूने लिए गए हैं और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसी अभियान के तहत गुरुवार को देवघर में भी बड़ी कार्रवाई की गई। श्रावणी मेला क्षेत्र के समीप देवघर क्लब ग्राउंड के पीछे स्थित एक नव निर्मित मकान में विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि यहां अवैध रूप से पेड़ा तैयार किया जा रहा है। जांच के दौरान करीब 500 किलोग्राम संदिग्ध खोया बरामद हुआ, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया।
विभाग ने संबंधित फर्म से स्पष्टीकरण मांगा है और बरामद खोया का नमूना भी प्रयोगशाला भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना विभाग की प्राथमिकता है। प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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