झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र स्थित श्री राम पावर प्लांट में रविवार को काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में फर्नेस में अचानक जोरदार ब्लास्ट होने से 10 से ज्यादा मजदूर झुलस गए। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि हादसे में दो मजदूर 90 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रेफर किए जाने की जानकारी है। वहीं, तीन अन्य मजदूरों के 40 प्रतिशत से अधिक झुलसने की बात सामने आई है।
घायलों में राजेंद्र महतो, परमेश्वर महतो, विजय यादव, संजय यादव और धनंजय सिंह के नाम बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद घायलों के परिजनों में भी चिंता का माहौल है।
मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा
शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्लांट में फर्नेस के मेंटेनेंस और स्पंज आयरन से जुड़े कार्य के दौरान अचानक ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोजपा लेबर सेल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भाटिया ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने हादसे की जांच और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
पुलिस-प्रशासन जांच में जुटा
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्नेस में ब्लास्ट किस वजह से हुआ और इसमें सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।
फिलहाल हादसे में घायल मजदूरों का इलाज जारी है। गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर किए जाने की जानकारी है। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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