रांची में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के 16वें दिन रविवार को राज्य सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन करीब पांच घंटे तक चली बैठक के बावजूद कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक के बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
सरकार कई मांगों पर सहमत, लेकिन छात्रों को चाहिए लिखित और ठोस आश्वासन
बैठक में सरकार की ओर से छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताए जाने की बात सामने आई है। सबसे अहम बात यह है कि सरकार 14वीं JPSC PT परीक्षा को रद्द करने के लिए तैयार हो गई है। वहीं JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी सरकार ने छात्रों से समय मांगा है। हालांकि छात्रों की सबसे प्रमुख मांगों में शामिल CBI जांच पर सरकार अभी सहमत नहीं हुई है।
यही वजह है कि बातचीत के बावजूद छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा, बल्कि उनकी सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय जरूरी है। मौजूदा विवाद में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था पर भरोसा बहाल करना छात्रों के लिए बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
तीसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र 10 अगस्त को शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव करने की तैयारी में हैं। आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं की ओर से इसे अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने का अगला चरण बताया जा रहा है। हालिया रिपोर्टों में भी 10 अगस्त के विधानसभा घेराव को लेकर छात्रों के अल्टीमेटम का उल्लेख है।
16वें दिन भी जारी है आंदोलन
रांची में चल रहा यह आंदोलन अब 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है। JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे आरोपों को लेकर छात्र लंबे समय से धरना और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्रों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई समेत कई मांगें उठाई जा रही हैं।
आंदोलन के दौरान छात्रों की ओर से अनशन भी किया गया है। हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों की तबीयत लगातार बिगड़ने को लेकर भी चिंता जताई गई है।
CBI जांच पर अटका मामला
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत में सबसे बड़ा गतिरोध CBI जांच की मांग को लेकर दिखाई दे रहा है। छात्रों का तर्क है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, जबकि सरकार फिलहाल इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है। यही मुद्दा बातचीत के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं होने की बड़ी वजहों में शामिल है।
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से कई मांगों पर सकारात्मक रुख सामने आने के बावजूद अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
अब सबकी नजर 10 अगस्त पर
तीसरे दौर की बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकलने से अब सबकी नजर 10 अगस्त पर टिक गई है। छात्र विधानसभा घेराव के जरिए सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर, सरकार के लिए भी यह चुनौती होगी कि विधानसभा घेराव से पहले छात्रों के साथ संवाद के जरिए कोई व्यापक समाधान निकाला जाए।
फिलहाल 14वीं JPSC PT परीक्षा को रद्द करने पर सरकार की सहमति और JSSC CGL को लेकर समय मांगने के बाद भी छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि आने वाले घंटों में सरकार और छात्रों के बीच फिर कोई बातचीत होती है या 10 अगस्त का विधानसभा घेराव ही आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव बनता है। अब पूरे देश की निगाहें कल के विधानसभा घेराव पर टिकी हैं।
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