छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी की ओर से मंगलवार को बुलाए गए झारखंड बंद का असर दोपहर बाद राज्य के कई हिस्सों में व्यापक रूप से देखने को मिला। रांची समेत धनबाद, देवघर, रामगढ़, गुमला, पाकुड़ और अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और बाजार, दुकानें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने का प्रयास किया। कई जगह सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया जबकि पुलिस ने कुछ स्थानों पर बंद समर्थकों को हिरासत में भी लिया।
यह बंद सोमवार को रांची में विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों का आंदोलन JPSC और JSSC से जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इसी कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया।
धनबाद में बंद का असर तेज, मॉल और शिक्षण संस्थान भी कराए गए बंद
धनबाद में दोपहर बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंद को प्रभावी बनाने के लिए शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों का रुख किया। सिटी सेंटर और वी मार्ट जैसे बड़े मॉल को भी बंद कराया गया। इसके अलावा सिटी सेंटर परिसर में संचालित कई निजी शिक्षण संस्थानों को भी बंद करने के लिए कहा गया।
भाजपा कार्यकर्ता बस स्टैंड के पास भी पहुंचे और बस संचालकों से परिचालन बंद रखने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने छात्रों से भी बंद के समर्थन में सड़क पर उतरने का आह्वान किया। बंद समर्थकों का कहना है कि छात्रों पर बल प्रयोग की घटना के खिलाफ राज्यभर में विरोध दर्ज कराना जरूरी है।
रांची में सुरक्षा बढ़ी, सीएम आवास के बाहर बैरिकेडिंग
राजधानी रांची में बंद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुरानी विधानसभा के सामने एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दर्जनों ABVP कार्यकर्ताओं को डिटेन किया। मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।
सोमवार की घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गया है। छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है।
देवघर के मधुपुर में भी दिखा बंद का असर
देवघर जिले के मधुपुर में भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़क पर उतरे। यहां बंद समर्थकों ने दुकानों को बंद कराया और लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। कई इलाकों में बाजार की गतिविधियां प्रभावित रहीं।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान जिस तरह पुलिस ने कार्रवाई की, उसके विरोध में पार्टी ने राज्यव्यापी बंद का निर्णय लिया है। मधुपुर में कार्यकर्ताओं ने लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की।
रामगढ़ में मुख्य मार्ग पर जाम
रामगढ़ जिले में भी बंद का असर दिखाई दिया। भुरकुंडा मुख्य मार्ग पर भाजपा कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने के बाद जाम की स्थिति बन गई। वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात बाधित रहा।
कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बंद समर्थकों का कहना था कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
नामकुम में 28 बंद समर्थक हिरासत में
रांची के नामकुम क्षेत्र में बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने NH-33 को जाम कर दिया। विरोध के दौरान सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन भी किया गया। नामकुम बाजार और लोवाडीह इलाके में बंद का असर देखने को मिला।
सड़क जाम होने के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस ने 28 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने यातायात सामान्य कराने की कोशिश की।
गुमला के पालकोट में घंटों जाम, ट्रक फंसने से बढ़ी परेशानी
गुमला जिले के पालकोट में भी बंद का असर यातायात पर पड़ा। सड़क पर जाम लगने के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी दौरान एक ट्रक फंस गया, जिससे आवागमन और अधिक बाधित हो गया।
फंसे ट्रक को क्रेन की मदद से हटाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल करने की कोशिश की गई। जाम के कारण सड़क से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पाकुड़ में बिरसा चौक पर प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में
पाकुड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिरसा चौक पर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। बंद समर्थकों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
सड़क जाम किए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने सड़क जाम करने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही।
दोपहर बाद बढ़ा बंद का असर
सुबह के मुकाबले दोपहर बाद झारखंड बंद का असर कई जिलों में ज्यादा व्यापक दिखाई दिया। बड़े बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने से लेकर मुख्य सड़कों पर जाम लगाने तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराया। कई स्थानों पर पुलिस और बंद समर्थकों के बीच स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश होती रही।
भाजपा का कहना है कि बंद का मुख्य उद्देश्य छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ सरकार तक अपना विरोध पहुंचाना है। वहीं, प्रशासन के सामने बंद के दौरान यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है।
सोमवार की छात्र प्रदर्शन की घटना के बाद मंगलवार का बंद अब राज्य की राजनीति में एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मामले पर क्या कार्रवाई होती है और छात्रों की मांगों को लेकर क्या रास्ता निकाला जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
Also Read- झारखंड बंद का मिला-जुला असर, रांची में जगह-जगह जलाए गए टायर





