झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन सदन में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार देखने को मिली। विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एक साजिश के तहत लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की मंशा शुरू से स्पष्ट रही है और वह छात्रों से जुड़े मामलों की जांच को लेकर गंभीर है।
JPSC-JSSC और TDPL जांच को लेकर CM का बड़ा बयान
सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल जांच का आश्वासन नहीं दे रही, बल्कि मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है। TDPL कंपनी को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी लखनऊ की है और इसके माध्यम से झारखंड के युवाओं को कथित तौर पर दिग्भ्रमित करने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे रिफॉर्म के फैसले यह दिखाते हैं कि सरकार अपने दिशा में सही तरीके से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
विपक्ष पर बरसे हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष परजीवी की तरह व्यवहार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक रूप से कमजोर हो चुका विपक्ष अब छात्रों के मुद्दे के सहारे दोबारा अपनी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहा है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और वह शुरुआत से ही कार्रवाई कर रही है। उन्होंने छात्रों से जुड़े मामलों में जांच को आगे बढ़ाने की बात दोहराई और कहा कि सरकार किसी भी मामले को केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रखना चाहती।
छात्रों के साथ प्रशासन के व्यवहार की सराहना
मुख्यमंत्री ने इस दौरान छात्रों के आंदोलन के बीच प्रशासन द्वारा बरते गए धैर्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने छात्रों के साथ धैर्य के साथ काम किया है, जो काबिलेतारीफ है।
गौरतलब है कि झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। हाल के दिनों में इस मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों का विरोध तेज हुआ है और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जांच की मांग उठ रही है।
सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
विधानसभा में विपक्ष के हंगामे और लगातार जारी गतिरोध के बीच सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके साथ ही मॉनसून सत्र की कार्यवाही समाप्त हो गई।
झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जिस तरह JPSC-JSSC विवाद, TDPL जांच और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा केंद्र में रहा, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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