चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) स्थित कस्तूरबा गांधी अस्पताल में मरीजों को कथित तौर पर घटिया और बासी खाना परोसे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मरीजों और उनके परिजनों द्वारा अस्पताल में दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में मरीज और उनके परिजन भोजन से दुर्गंध आने तथा खाना बासी होने की शिकायत करते दिखाई दे रहे हैं। मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन उनकी सेहत और उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायत ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर जन सेवा पार्टी के संयोजक राकेश लाल ने चिरेका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
राकेश लाल ने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जन सेवा पार्टी चिरेका महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेगी।
गौरतलब है कि कस्तूरबा गांधी अस्पताल पहले भी विभिन्न आरोपों और विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। जनवरी 2025 में अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किए जाने की खबर सामने आई थी। वहीं मार्च 2026 में अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में मरम्मत कार्य के दौरान जमीन के नीचे करीब सात फीट गहरा पुराना कुआं मिलने की घटना भी सामने आई थी।
फिलहाल ताजा मामले में चिरेका प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच अब लोगों की नजर चिरेका प्रशासन की संभावित जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
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