धनबाद में प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में निरंकारी चौक और कुड़मीडीह के बीच बाइपास रोड पर बीती रात लेवी वसूलने पहुंचे हथियारबंद अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में दो अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गए जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर एक अन्य अपराधी मौके से फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार बाइक पर सवार तीन अपराधी लेवी वसूलने के लिए इलाके में पहुंचे थे। सूचना मिलने के बाद बरवाअड्डा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो अपराधियों के पैर में गोली लगी। घायल अपराधियों को पुलिस निगरानी में इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच भेजा गया है।
घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और निरंकारी चौक से कुड़मीडीह बाइपास सड़क के बीच आवागमन रोककर जांच शुरू की गई। घटनास्थल से अपराधियों की मोटरसाइकिल, दो पिस्टल, छह कारतूस, दो मोबाइल फोन और करीब एक लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी है।
मुठभेड़ के बाद रांची से फोरेंसिक टीम भी धनबाद पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर गोलीबारी से जुड़े तमाम साक्ष्य जुटाए और बरामद हथियारों, कारतूस, बाइक, मोबाइल फोन तथा नकदी की जांच की। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल के अलग-अलग बिंदुओं से साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि पुलिस को मुठभेड़ की परिस्थितियों और अपराधियों की भूमिका की जांच में मदद मिल सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, डीएसपी-1 कुमार विनोद समेत धनबाद और बरवाअड्डा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया गया।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधी प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं और लेवी वसूली के लिए इलाके में पहुंचे थे। पुलिस फरार अपराधी प्रिंस खान और उसके भाई गोपी खान के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल के महीनों में भी धनबाद पुलिस ने गिरोह से जुड़े आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की है।
फिलहाल पुलिस फरार तीसरे अपराधी की तलाश में छापेमारी कर रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अपराधियों के संपर्क किन लोगों से थे और वे किस व्यक्ति से लेवी वसूलने पहुंचे थे। पुलिस की फोरेंसिक जांच और तकनीकी अनुसंधान पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।
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