रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन (brothers) के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प की झलक लोहरदगा सांसद आवास पर भी देखने को मिली। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहनें सांसद आवास पहुंचीं। शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी बहनों ने लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत को राखी बांधी और उनके दीर्घायु, सुख-समृद्धि तथा जनसेवा में सफलता की कामना की। राखी बांधने से पहले भाई-बहन (brothers) ने सांसद के माथे पर तिलक लगाया और इसके बाद राखी बांधकर मुंह मीठा कराया। सांसद सुखदेव भगत ने भी ब्रह्माकुमारी भाई-बहन (brothers) का आशीर्वाद लिया। इस दौरान रक्षाबंधन के पर्व के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। यह पर्व हमारी संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है तथा लोगों को आपसी प्रेम और रिश्तों की मजबूती का संदेश देता है।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा बांधी गई राखी उन्हें और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ जनता की सेवा करने की प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि एक भाई के रूप में वे हमेशा अपनी बहनों की रक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं। इस दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने सांसद सुखदेव भगत के अलावा अनुपमा भगत, अभिनव सिद्धार्थ और आलोक कुमार साहू को भी राखी बांधी। सभी के सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना की गई। रक्षाबंधन के इस अवसर पर सांसद आवास पर आत्मीयता और भाई-बहन के स्नेह का माहौल बना रहा।
कोयलांचल धनबाद में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही बाजारों और घरों में रक्षाबंधन की रौनक देखने को मिल रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर रही हैं, तो भाई भी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट कर रहे हैं।
रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों की खूब बिक्री हुई। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी में इस पर्व को लेकर खास उत्साह नजर आया। कई घरों में पूजा-अर्चना के बाद बहनों ने भाई को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई और रक्षा सूत्र बांधा।
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