कहा जाता है कि प्राकृति जब मानव से क्रोधित होती है तो धरती से सब- कुछ वापस ले लेती है, कुछ ऐसा ही मंजर नेपाल (Nepal) में देखने को मिल रहा है, यह सिर्फ हादसा नहीं इसमें लोगों कि आशियाना उजड़ना कहते है। नेपाल-तिब्बत (Nepal) सीमा पर ग्लेशियर फटने से आई जबरदस्त बाढ़ ने भारी तबाही मचाई दी है । भोटे कोशी नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने के कारण राहत और बचाव कार्यों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। नदी के ऊपरी हिस्से में मौजूद एक झील में पानी का स्तर बढ़ने से दोबारा बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। हालाकि, नेपाल (Nepal) के स्थिति का जायजा लेने के बाद लगभग तीन घंटे बाद बचाव कार्य फिर से शुरू कर दिए गए। नेपाल (Nepal) और चीन के तिब्बत क्षेत्र को प्रभावित करने वाली इस प्राकृतिक आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों, पुलों, घरों और पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
झील में पानी का बढ़ता स्तर, फिर से बाढ़ का खतरा
भोटे कोशी नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित झील में पानी का स्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने आस-पास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी थी। झील से बहता पानी लेंडे खोला और उसके बाद त्रिशूली नदी में चला गया, जिसके कारण नेपाल में बचाव दलों को कुछ समय के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारी नदी और संभावित रूप से अस्थिर झीलों पर लगातार नज़र रख रहे हैं। ग्लेशियर और भूस्खलन से बनी ऐसी झीलों के फटने से अचानक बाढ़ (flash floods) आने का खतरा बना हुआ है।
सैकड़ों की मौत और हज़ारों लापता
26 अगस्त को आई ज़बरदस्त बाढ़ के बाद नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई है। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में मरने वालों की संख्या 500 से ज़्यादा हो गई है और लगभग 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत में भी 5 लोगों की मौत और 558 लोगों के लापता होने की खबर है। आँकड़ों को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
नेपाल सरकार के अनुसार, बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है। कई गांवों तक पहुँचना मुश्किल हो गया है और लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए जा रहे हैं।
चीन में भी मलबे के बीच तलाशी अभियान जारी
तिब्बत में भूस्खलन के बाद, चीनी बचाव दल मलबे वाले मुख्य इलाकों में पहुँच गए हैं और वहाँ फँसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने सीमावर्ती इलाके में ज़रूरी रास्तों और व्यापारिक संपर्कों को भी नुकसान पहुँचाया है।
नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों को नुकसान पहुँचने से रसुवा ज़िले के कई पहाड़ी गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और थुमन जैसे इलाकों से राहत सामग्री पहुँचाने और लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
320 भारतीय अभी भी संपर्क से बाहर
नेपाल में मची तबाही के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि लगभग 320 भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर या लापता हैं**। इसके अलावा, भारतीय मूल के लगभग 100 लोग—जिनके पास दूसरे देशों की नागरिकता हो सकती है—भी संपर्क से बाहर हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की तरफ़ मौजूद लगभग 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और अधिकारियों के संपर्क में हैं। वहीं, चीन की तरफ़ फँसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुँच गए हैं; उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।
तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौटे
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाए गए तमिलनाडु के इक्कीस तीर्थयात्री शुक्रवार को काठमांडू से दिल्ली पहुँचे। दिल्ली पहुँचने पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन तीर्थयात्रियों से मिले और उनकी मुश्किलों भरी यात्रा के बारे में सुना।
जयशंकर ने नेपाल सरकार और नेपाली सेना द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने प्रभावित भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद करने के लिए भारतीय दूतावास की भी तारीफ़ की।
इसके अलावा, त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है**। भारत सरकार नेपाल और चीन के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई लोग लापता
ऐसी खबरें हैं कि बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री लापता हो गए हैं। नेपाल सरकार द्वारा जारी विदेशी नागरिकों की सूची में भारत सहित कई देशों के नागरिक शामिल हैं। नेपाल से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 33 देशों के कुल 596 विदेशी नागरिक अभी भी लापता थे; इस संख्या में 178 भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
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