देवघर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर डिवाइन पब्लिक स्कूल में भव्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण और बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियों, नृत्य तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत करते हुए उनकी चंचलता, नटखटपन और बाल लीलाओं की सुंदर प्रस्तुति दी।
राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और उत्सवमय बना दिया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं से बच्चों को जोड़ने का प्रयास
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और त्योहारों के महत्व से परिचित कराना है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी बाल लीलाओं और उनके संदेशों को बच्चों तक सहज एवं रोचक तरीके से पहुंचाना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
विद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने न केवल अभिभावकों और शिक्षकों का मन जीता, बल्कि जन्माष्टमी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को भी जीवंत कर दिया।
साल 2026 में कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार को यानी 4 सितंबर को मनाई जा रही है। कुछ वैष्णव और इस्कॉन (ISKCON) परंपराओं के अनुसार यह 5 सितंबर को भी मनाई जाएगी। भगवान कृष्ण का जन्म पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में आठवां अवतार लिया था।
भगवान श्रीकृष्ण विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन सीख देते हैं। श्रीकृष्ण कहते हैं अभ्यास और एकाग्रता से मन को मित्र बनाया जा सकता है। जो विद्यार्थी अपने मन को नियंत्रित कर लेता है, वह पढ़ाई में आसानी से सफलता पाता है।
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