जमशेदपुर में एक बार फिर बड़ी आपराधिक वारदात की कथित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सीतारामडेरा थाना पुलिस ने मानगो बस स्टैंड के पास हथियार के साथ घूम रहे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों कथित तौर पर सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए जमशेदपुर पहुंचे थे।
बताया गया कि 2 सितंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक हथियार के साथ मानगो बस स्टैंड के आसपास घूम रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना के बाद सीतारामडेरा पुलिस ने तत्काल छापेमारी टीम गठित की। टीम जब मानगो बस स्टैंड से पहले पाण्डेय घाट के पास पहुंची, तो दो संदिग्ध पुलिस को देखकर शौचालय के पीछे छिपने की कोशिश करते नजर आए। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी 38 वर्षीय प्रदीप सिंह और 24 वर्षीय अभिनय यादव के रूप में हुई। तलाशी के दौरान प्रदीप सिंह के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल और दो जिंदा गोलियां बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
हत्या की सुपारी के लिए जमशेदपुर आने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि वे जमशेदपुर के सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव के कहने पर हत्या की सुपारी के सिलसिले में शहर आए थे। पुलिस का दावा है कि दोनों को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में सुनील रजक के माध्यम से ठहराया गया था।
पुलिस के अनुसार, शूटरों को पिस्टल और गोलियां भी उपलब्ध कराई गई थीं। हालांकि, जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, उसका नाम और पूरी टारगेट डिटेल कथित तौर पर उन्हें अभी नहीं बताई गई थी। दोनों टारगेट की जानकारी और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे।
पहले भी जमशेदपुर आए थे दोनों आरोपी
पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर यह भी जानकारी मिली कि दोनों शूटर इससे पहले 19 अगस्त को एक अन्य सहयोगी राहुल विश्वकर्मा के साथ जमशेदपुर आए थे। उस दौरान निखार सबलोक की हत्या की कथित योजना बनाई गई थी।
पुलिस के अनुसार, सुपारी की रकम के एडवांस को लेकर सिंटू सिंह से विवाद होने के बाद तीनों बिना वारदात को अंजाम दिए वापस उत्तर प्रदेश चले गए थे। बाद में निखार सबलोक की हत्या के बाद दोनों को दोबारा सिंटू सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव के कथित बुलावे पर जमशेदपुर भेजा गया।
हालिया पुलिस कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में भी उत्तर प्रदेश के शूटरों और जमशेदपुर से जुड़े आरोपियों की भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामद करने की जानकारी दी है।
संभावित गैंगवार से पहले पुलिस ने दबोचा
पुलिस का दावा है कि इस बार दोनों शूटर जमशेदपुर के एक आपराधिक गिरोह से जुड़े व्यक्ति को निशाना बनाने की तैयारी में थे। हालांकि, वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इससे शहर में संभावित गैंगवार या आपराधिक टकराव की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया जा रहा है।
फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह, अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक और अन्य संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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