देवघर ज़िले के ग्रामीण इलाकों में मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज (LSD) के लक्षण दिखने की खबरों के बाद पशुपालक काफ़ी चिंतित हैं। खबरों के अनुसार, लंपी स्किन डिजीज (LSD) से सरथ ब्लॉक के कई गांवों में गायों और छोटे बछड़ों के शरीर पर गांठ और चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण इसलिए परेशान हैं क्योंकि कुंदारो, बरदाही, जमुआ, रंगमटिया, बामनगामा और आस-पास के गांवों में कई दुधारू पशुओं में ये लक्षण देखे गए हैं। लंपी स्किन डिजीज (LSD) को लेकर पशुपालकों का कहना है कि उनकी आजीविका मुख्य रूप से दूध उत्पादन और पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में, अगर लंपी स्किन डिज़ीज़ का संक्रमण तेज़ी से फैलता है, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से मांग की है कि वे तुरंत गांवों में मेडिकल कैंप लगाएं, संदिग्ध पशुओं की जांच करें और ज़रूरी दवाएं उपलब्ध कराएं।
जिला पशुपालन अधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि ज़िले के सभी ब्लॉकों में लंपी स्किन डिज़ीज से निपटने के लिए वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे बिना देरी किए अपने नज़दीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें और अपने मवेशियों का टीकाकरण करवाएं। उन्होंने पशुओं की निगरानी करने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए समय पर इलाज सुनिश्चित करने की सलाह भी दी। वहीं, सरथ के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रांजल ने बताया कि अभी पशु चिकित्सा केंद्र पर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि वे अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें और इस बीच बताए गए घरेलू उपाय अपनाएं। वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों के अलग-अलग बयानों ने ज़िले के पशुपालकों के मन में स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द गांवों का दौरा करे, मवेशियों की जांच करे और टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
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