धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत गलफरबाड़ी ओपी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगदंबा पेट्रोल पंप के समीप पुलिस ने बीती रात मवेशी लदे पांच वाहनों को रोककर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि प्रत्येक वाहन में पांच से छह गोवंश लदे हुए थे। पुलिस ने सभी वाहनों को जांच के लिए रोका और बाद में गोवंशों को कतरास गौशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सभी वाहन बिहार के काराकाट मेला से मवेशियों को लेकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता की ओर जा रहे थे। वाहनों में लदे गोवंशों को दुधारू बताया गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मवेशियों की खरीद से संबंधित कागजात भी वाहन चालकों के पास मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा जांच के नाम पर वाहनों को रात से ही रोके रखा गया, लेकिन इस दौरान गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि लंबे समय तक वाहनों में बंद रहने के कारण मवेशियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मवेशी लदे वाहन पश्चिम बंगाल की ओर जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ वाहनों की नियमित एंट्री होने के बाद उन्हें आसानी से आगे जाने दिया जाता है। वहीं, क्षेत्र में अवैध तरीके से गोवंशों के व्यापार और छोटे वाहनों से मवेशियों को उतारकर बड़े वाहनों के जरिए पश्चिम बंगाल भेजे जाने का भी आरोप लगाया गया है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जांच के नाम पर कथित अवैध वसूली और व्यापारियों को परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल गलफरबाड़ी पुलिस द्वारा सभी गोवंशों को कतरास स्थित गौशाला भेजा जा रहा है। पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही मवेशियों को छोड़े जाने की बात कही जा रही है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहनों में लदे गोवंशों के परिवहन से संबंधित सभी दस्तावेज और नियमों का पालन किया गया था या नहीं।






