उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम में एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद जांच जारी है। मृतक की पहचान जबलपुर निवासी रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक के रूप में हुई है। चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद रसिक दुलारी की मौत हुई या उन्हें मारकर फेंक दिया गया है इसपर पुलिस जांच जारी है। पुलिस ने इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ली है। फुटेज में रसिक दुलारी को चौथी मंजिल की छत से नीचे गिरते हुए देखा गया है लेकिन घटना से पहले इमारत के अंदर और छत पर कौन-कौन मौजूद था इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक घटना शुक्रवार सुबह की है। सूचना मिलने के बाद रसिक दुलारी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को मामला आत्महत्या का लग रहा था हालांकि घटनास्थल से मिले कुछ तथ्यों के बाद जांच के दूसरे पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस ने मृतक के कमरे की फोरेंसिक जांच कराई है। कमरे से टाइल्स काटने वाला एक ग्राइंडर मिला है जिस पर खून के निशान बताए गए हैं। पुलिस मृतक के शरीर के निजी हिस्से पर चोट और खून के निशान की भी जांच कर रही है। यही वजह है कि पुलिस आत्महत्या के साथ-साथ अन्य संभावनाओं को भी जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।
सीओ संदीप कुमार सिंह के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति घायल अवस्था में सर्वोदय अस्पताल लाया गया है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि रसिक दुलारी शरण आश्रम में रह रहे थे और चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया और वहां से मिले सामान को कब्जे में लिया। अधिकारी के मुताबिक कमरे में दो लोग रहते थे और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है जिसमें रसिक दुलारी को छत से गिरते हुए देखा गया है। पुलिस उनके मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया है कि रसिक दुलारी सुबह करीब 10.25 बजे कमरे से बाहर निकले थे। फुटेज में उनके कपड़ों पर खून के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है। इसके बाद वह करीब 11 मिनट तक कमरे के बाहर बेचैनी की स्थिति में घूमते नजर आए। फिर वह चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे और कुछ देर बैठने के बाद नीचे छलांग लगा दी। पुलिस के अनुसार जब उनका कमरा खुलवाया गया तो मोबाइल फोन पर भजन चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, पीठ और पैर समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इनमें से कुछ चोटें ऊंचाई से गिरने के कारण भी हो सकती हैं।
मामले में मृतक के परिवार की ओर से भी कई सवाल उठाए गए हैं। रसिक दुलारी की मां लौंगाबाई का कहना है कि वह अपने बेटे से मिलने के लिए दो बार आश्रम आई थीं लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार ने इस संबंध में एसपी सिटी को प्रार्थना पत्र देकर मृत्यु के कारणों की हर पहलू से जांच कराने की मांग की है। मृतक के भाई मनीष ने भी आश्रम में मिलने की अनुमति नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी जानकारी लेने की बात कही है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि रसिक दुलारी के शरीर पर निजी हिस्से में चोट कैसे लगी और इसका चौथी मंजिल से गिरने की घटना से क्या संबंध है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कमरे में मिला ग्राइंडर वहां कब और किस उद्देश्य से लाया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना से पहले रसिक दुलारी के साथ कमरे में रहने वाले लोगों या आश्रम में मौजूद अन्य लोगों की क्या भूमिका या जानकारी थी। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी रखी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जतायी जा रही है।





